फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Two solvers did not come to take the exam due to the panic of STF in Kanpur

Solver Case: एसटीएफ की दहशत से परीक्षा देने नहीं आए दो सॉल्वर, गैंग का बड़ा नेटवर्क, व्यापमं से जुड़े थे तार

Mon, 17 Oct 2022 12:04 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Mon, 17 Oct 2022 12:04 AM IST
सार

रविवार को एसटीएफ के पास दो सॉल्वर के परीक्षा में बैठने का इनपुट था। वहीं, कार्रवाई की दहशत से दोनों सॉल्वर परीक्षा देने नहीं आए। एक दिन पहले गिरफ्तार किए गए सॉल्वर और अभ्यर्थी जेल भेजे गए हैं। बता दें कि पिछले एक साल में दो दर्जन से अधिक सॉल्वर प्रतियोगी परीक्षाओं में पकड़े गए हैं।

विज्ञापन
Two solvers did not come to take the exam due to the panic of STF in Kanpur
कानपुर से गिरफ्तार किए गए सॉल्वर सैफ और अभ्यर्थी रघुवीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार की तरह कानपुर भी सॉल्वर गैंग का गढ़ बनता जा रहा है। परीक्षाओं में सॉल्वर के बैठने के मामले जब भी सामने आते हैं, कानपुर से जरूर किसी न किसी की गिरफ्तारी होती है। पिछले एक साल में दो दर्जन से अधिक सॉल्वर और अभ्यर्थी पकड़े जा चुके हैं। लेखपाल भर्ती परीक्षा से लेकर पीईटी परीक्षा में इन गिरोह ने सेंधमारी की। यही नहीं व्यापमं घोटाले का भी शहर से कनेक्शन रहा है। इसमें भी कई गिरफ्तारियां हुईं थीं।

विज्ञापन

शहर में जो सॉल्वर पकड़े जा चुके हैं, उनमें अधिकतर बिहार या पूर्वांचल के हैं। उनके गुर्गे शहर की कोचिंग मंडी में घूमते रहते हैं। युवाओं को अपने जाल में फंसाते हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो पूर्वांचल व बिहार के सॉल्वर गैंग के सरगनाओं के सीधे संपर्क में हैं। वह खुद ही डील कर सॉल्वर बुलवाते हैं।
विज्ञापन

पूरी तरह नहीं कस पा रहा शिकंजा
20 जुलाई को एसटीएफ ने कर्मचारी चयन आयोग की मल्टी टास्किंग सर्विस परीक्षा में छह सॉल्वर पकड़े थे। इसमें आरपी कुमार, सुमन कुमार, सतीश, अमरजीत कुमार, इंद्रजीत व अमरेंद्र शामिल थे। ये सभी बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये यूपी के अलग-अलग जिलों के अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। इसी तरह एक अगस्त को लेखपाल भर्ती परीक्षा में हाईटेक डिवाइस से नकल करते जय सिंह व कर्मपाल पकड़े गए थे। कार्रवाई हो रही है लेकिन फिर भी सॉल्वर परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं। इन पर पूरी तरह से शिकंजा नहीं कस पा रहा है।

यह था व्यापमं कनेक्शन
मध्यप्रदेश में व्यापमं घोटाला हुआ था। इसमें 2016 में कल्याणपुर से एक नेता की गिरफ्तारी एसटीएफ ने की थी। यह नगर पंचायत अध्यक्ष रह चुका था। जांच में सामने आया था कि व्यापमं घोटाले में यूपी का सरगना था। उसी ने यूपी में घोटाले का जाल बिछाया था।

एसटीएफ की कार्रवाई से दहशत, परीक्षा देने नहीं आए दो सॉल्वर
कानपुर में पीईटी (प्रारंभिक अर्हता परीक्षा) के पहले दिन एसटीएफ ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए प्रदेश भर से दो दर्जन से अधिक सॉल्वर और अभ्यर्थी पकड़े। दूसरे दिन भी परीक्षा में दो सॉल्वरों के बैठने इनपुट एसटीएफ के पास था। हालांकि ऐसा कोई परीक्षा में शामिल नहीं हुआ।

यशोदा नगर के एक परीक्षा केंद्र से एसटीएफ ने शनिवार को महाराजगंज निवासी सैफ अहमद खान को परीक्षा देते गिरफ्तार किया था। वह हरदोई के रघुवीर सिंह की जगह पर परीक्षा दे रहा था। नौबस्ता थाने में दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। रविवार को दोनों जेल भी भेज दिए गए।

सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ कानपुर टीम को जानकारी मिली थी कि शहर के दो परीक्षा केंद्रों पर एक-एक सॉल्वर शामिल होने वाला है। पूरी जानकारी जुटाकर टीम केंद्रों पर पहुंची लेकिन सॉल्वर नहीं आए। उधर एक अन्य सॉल्वर के बारे में लखनऊ एसटीएफ टीम को जानकारी हुई थी, जो फर्रुखाबाद में परीक्षा देने वाला था। वह भी परीक्षा में शामिल नहीं हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed