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सड़क हादसे में दो बहनों का उजड़ा सुहाग, जीजा-साले को ट्रक ने रौंदा, कपड़े खरीदकर बहराइच लौट रहे थे

Fri, 02 Aug 2019 07:12 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 02 Aug 2019 07:12 PM IST
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two people died in accident at unnao
शेखपुर नरी में युवक व उसके साढ़ू को ट्रक ने रौंदा - फोटो : गूगल
उन्नाव के शेखपुर में गुरुवार रात करीब एक बजे सड़क पार कर रहे युवक व उसके साढ़ू को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंद दिया। जिसमें एक की घटनास्थल पर और दूसरे की जिला अस्पताल में मौत हो गई। दोनों अपने साले के साथ फेरी के लिए कानपुर से कपड़े खरीदकर बहराइच लौट रहे थे। पुलिस घटना करने वाले ट्रक का पता लगा रही है। 
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बहराइच जिले के खैरीघाट होरीपुरवा निवासी ओमकार (30) पुत्र अवधराम मजदूरी करता था। गुरुवार सुबह वह बहराइच के नानपारा ककरहा निवासी साढ़ू वीरेंद्र (32) पुत्र लल्लू और बहराइच के पतरहिया निवासी साले नंदकिशोर (18) पुत्र रामसागर के साथ फेरी लगाने के लिए थोक में कपड़े खरीदने के लिए कानपुर आया था। कानपुर से खरीदारी करने के बाद तीनों बहराइच जाने के लिए जाजमऊ में एक ट्रक पर सवार हुए थे।
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खाना खाने के लिए ट्रक चालक ने सदर कोतवाली के शेखपुर के निकट ट्रक रोक दिया था। नंदकिशोर ने बताया कि ट्रक रुकने पर बहनोई ओमकार व वीरेंद्र शौच के लिए गए थे। लौटते समय जैसे ही उन्होंने हाईवे की सड़क पार करने की कोशिश की तभी लखनऊ से कानपुर की ओर जा रहे एक ट्रक ने उन्हें रौंद दिया। हादसे में वीरेंद्र की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

जबकि पुलिस ने ओमकार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान ओमकार की भी मौत हो गई। नंदकिशोर ने बताया कि उसकी बड़ी बहन संगीता की शादी वीरेंद्र व छोटी बहन शांती देवी की शादी ओमकार से हुई थी। दोनों बहनोई मजदूरी करते थे। कुछ दिन पूर्व उन्होंने कपड़े की फेरी लगाने का निर्णय लिया था।

 

जिसकी वजह से वह 20 हजार रुपये के कपड़े खरीदकर घर लौट रहे थे। गुरुवार रात ही उन्हें हादसे की सूचना दी गई थी। जिस पर वह शुक्रवार सुबह परिजनों के साथ जिला अस्पताल पहुंच गई। पति के शव देख दोनों बहनें बिलख पड़ी। 

कपड़ों की गठरी भी किसी ने पार कर दी
नंदकिशोर के पिता रामसागर की छह माह पूर्व बीमारी से मौत हुई थी। पिता की मौत के बाद नंदकिशोर ने दोनों बहनोई के साथ कपड़े की फेरी लगाने का निर्णय लिया था। गुरुवार को वह पहली बार कपड़े खरीदने कानपुर आया था। हादसे के बाद उसके कपड़ों की गठरी भी दुर्घटनास्थल से किसी ने पार कर दी।
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