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UP: 'क्या बीजेपी बचा लेगी?', अखिलेश दुबे और होटल कारोबारी के बेटे की बातचीत के ऑडियो हुए वायरल, ये बात भी कही
Sun, 28 Sep 2025 11:30 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 28 Sep 2025 11:30 PM IST
सार
Kanpur News: अखिलेश दुबे और होटल कारोबारी के बेटे के बीच हुई बातचीत की दो नए ऑडियो वायरल हुए हैं।
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अधिवक्ता अखिलेश दुबे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे और होटल कारोबारी सुरेश पाल के बेटे पुष्पेंद्र के बीच हुई बातचीत के रविवार को दो नए ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इनमें अखिलेश दुबे मदद करने के बहाने पुष्पेंद्र पर मिलने का दबाव बनाते सुना जा सकता है। अखिलेश ने उससे कहा कि तुम अपने होटल में भाजपा के कार्यक्रम कराते हो, क्या सोचते हो कि पार्टी तुम्हें बचा लेगी। पेश है अखिलेश दुबे और होटल कारोबारी के बेटे पुष्पेंद्र के बीच हुई बातचीत की वायरल ऑडियो...
पहली ऑडियो
अखिलेश: पुष्पेंद्र तुम्हारे पिता के पास समझने के लिए भी समय नहीं है क्या...अगर ये गलतफहमी है कि होटल में भाजपा का कार्यक्रम करा लेते हो तो वहां तुम्हारा कोई नुकसान नहीं होगा। यह दिमाग से निकाल दो।
पुष्पेंद्र : ऐसी कोई बात नहीं है भइया। वो इलाहाबाद गए हुए हैं डेट का मामला था।
अखिलेश: हां...इसमें जो कुछ कराना हो करा लो। इसमें दिक्कतें हैं इसलिए मैं कह रहा हूं बार-बार...और हां फोन लायक बात नहीं है। हमसे आकर मिल लेना हम समझा देंगे।
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पुष्पेंद्र : फोन पर नहीं..।
अखिलेश: तुम आकर हमसे पूरी बात समझ लेना।
पुष्पेंद्र : मैं पूरी कोशिश कर रहा हूं उनको समझाने की।
अखिलेश: उनको समझाओ, अगर उनको कोई रास्ता न मिले तो हमसे आकर सिर्फ दो मिनट बात कर लेना।
पुष्पेंद्र : जी ठीक है।
अखिलेश: तुम्हारी मदद हो सकती है...कम से कम समझो तो...तुमने हमे फोन नहीं किया, हम ही कर रहे हैं।
पुष्पेंद्र : अरे नहीं भइया
अखिलेश: तुम अभी कहां हो...?
पुष्पेंद्र : मैं होटल में हूं भइया।
अखिलेश: तो तुम हमसे अभी ऑफिस के बाहर खड़े-खड़े बात कर लो दो मिनट आकर।
पुष्पेंद्र : जी भइया।
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पहली ऑडियो
अखिलेश: पुष्पेंद्र तुम्हारे पिता के पास समझने के लिए भी समय नहीं है क्या...अगर ये गलतफहमी है कि होटल में भाजपा का कार्यक्रम करा लेते हो तो वहां तुम्हारा कोई नुकसान नहीं होगा। यह दिमाग से निकाल दो।
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पुष्पेंद्र : ऐसी कोई बात नहीं है भइया। वो इलाहाबाद गए हुए हैं डेट का मामला था।
अखिलेश: हां...इसमें जो कुछ कराना हो करा लो। इसमें दिक्कतें हैं इसलिए मैं कह रहा हूं बार-बार...और हां फोन लायक बात नहीं है। हमसे आकर मिल लेना हम समझा देंगे।
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पुष्पेंद्र : फोन पर नहीं..।
अखिलेश: तुम आकर हमसे पूरी बात समझ लेना।
पुष्पेंद्र : मैं पूरी कोशिश कर रहा हूं उनको समझाने की।
अखिलेश: उनको समझाओ, अगर उनको कोई रास्ता न मिले तो हमसे आकर सिर्फ दो मिनट बात कर लेना।
पुष्पेंद्र : जी ठीक है।
अखिलेश: तुम्हारी मदद हो सकती है...कम से कम समझो तो...तुमने हमे फोन नहीं किया, हम ही कर रहे हैं।
पुष्पेंद्र : अरे नहीं भइया
अखिलेश: तुम अभी कहां हो...?
पुष्पेंद्र : मैं होटल में हूं भइया।
अखिलेश: तो तुम हमसे अभी ऑफिस के बाहर खड़े-खड़े बात कर लो दो मिनट आकर।
पुष्पेंद्र : जी भइया।
दूसरी ऑडियो
अखिलेश: कहां हैं तुम्हारे पिता जी ?
पुष्पेंद्र: भइया इलाहाबाद गए थे। वापसी कर रहे हैं।
अखिलेश: कितनी दूर पे हैं।
पुष्पेंद्र: भइया पूछा नहीं। उनका सिग्नल नहीं मिल रहा था।
अखिलेश: उनके सिग्नल नेताओं से मिल रहे हैं। नेताओं से फोन कराएंगे। उनसे पूछ लो...। अभी बैठा हूं उनका इंतजार कर रहा हूं। यहां से उठ जाऊंगा फिर बात नहीं करूंगा। आज इन्होंने जो काम किया है वह अक्षम्य है। यही गलती ओम जायसवाल ने की थी। ये अपनी गलती के लिए बहुत पछताएगा। जब मैंने कहा दिया कि बैठकर आमने-सामने बात कर लो। बंद कमरे में निपटाओ अपना मैटर। काम जैसा काम नहीं है। अब ये बैठने को तैयार नहीं है। दुनिया की कहानी बता रहे हो तुम लोग यार। कौन सा नंबर है इनके पास है।
पुष्पेंद्र: आखिरी में दो वाला।
लंबी खामोशी .. और इसके बाद काॅल कट गई।
अखिलेश: कहां हैं तुम्हारे पिता जी ?
पुष्पेंद्र: भइया इलाहाबाद गए थे। वापसी कर रहे हैं।
अखिलेश: कितनी दूर पे हैं।
पुष्पेंद्र: भइया पूछा नहीं। उनका सिग्नल नहीं मिल रहा था।
अखिलेश: उनके सिग्नल नेताओं से मिल रहे हैं। नेताओं से फोन कराएंगे। उनसे पूछ लो...। अभी बैठा हूं उनका इंतजार कर रहा हूं। यहां से उठ जाऊंगा फिर बात नहीं करूंगा। आज इन्होंने जो काम किया है वह अक्षम्य है। यही गलती ओम जायसवाल ने की थी। ये अपनी गलती के लिए बहुत पछताएगा। जब मैंने कहा दिया कि बैठकर आमने-सामने बात कर लो। बंद कमरे में निपटाओ अपना मैटर। काम जैसा काम नहीं है। अब ये बैठने को तैयार नहीं है। दुनिया की कहानी बता रहे हो तुम लोग यार। कौन सा नंबर है इनके पास है।
पुष्पेंद्र: आखिरी में दो वाला।
लंबी खामोशी .. और इसके बाद काॅल कट गई।