फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Two more girl students cheated in MBBS admission

कानपुर: एमबीबीएस के दाखिले में दो और छात्राओं से ठगी, एक माह में तीसरा मामला सामने आया

Mon, 11 Apr 2022 11:26 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 11 Apr 2022 11:26 PM IST
सार

जीएसवीएम मेडिकल कालेज में एमबीबीएस में प्रवेश के नाम पर एक माह के अंदर यह ठगी का तीसरा मामला है। इसके पहले उत्तराखंड की अपूर्वा सैनी से प्रवेश के नाम पर 20 लाख की ठगी की गई थी।

विज्ञापन
Two more girl students cheated in MBBS admission
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर ठगों ने दिल्ली के एक प्राइवेट डॉक्टर और नगीना बिजनौर के प्राइवेट कंपाउंडर से कुल 35 लाख 50 हजार की ठगी कर ली। दोनों की बेटियों के दाखिले का मामला रहा है। सोमवार को फर्जी एडमीशन लेटर और दूसरे कागजात लेकर छात्राएं मेडिकल कॉलेज दाखिला लेने पहुंचीं तो मामला पकड़ में आया।
विज्ञापन


कॉलेज प्रशासन ने दोनों छात्राओं को रोक लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस छानबीन में जुट गई। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि इस मामले में उनके फर्जी हस्ताक्षर और मोहर का इस्तेमाल किया गया। शासन को शिकायत भेज वह एफआईआर कराएंगे।
विज्ञापन


जीएसवीएम मेडिकल कालेज में एमबीबीएस में प्रवेश के नाम पर एक माह के अंदर यह ठगी का तीसरा मामला है। इसके पहले उत्तराखंड की अपूर्वा सैनी से प्रवेश के नाम पर 20 लाख की ठगी की गई थी। तीनों को गाजियाबाद (वैशाली) के गिरोह ने ठगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली के द्वारिका सेक्टर-9 निवासी डॉ. जसवीर सिंह चौहान की बेटी विनम्रता स्नेहा सिंह मां मधु चौहान के साथ कॉलेज में एडमीशन लेने पहुंची। वहीं छात्रा शिवानी दास अपने पिता प्राइवेट कंपाउंडर नरेंद्र दास के साथ कालेज आई। वे जब स्टूडेंट्स सेक्शन गईं और कागजात दिखाए तो धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।

इस पर प्रवेश प्रभारी डॉ. नीलिमा वर्मा ने प्राचार्य को सूचना दी। काउंसलिंग प्रभारी डॉ. सुमनलता वर्मा और यूजी प्रभारी डॉ. जलज सक्सेना प्राचार्य के दफ्तर पहुंच गए। कागजात जांचने पर पाया गया कि प्राचार्य और एडमीशन कमेटी प्रभारी के फर्जी दस्तखत और मोहर लगी थी। 

फीस ऑनलाइन या कैश जमा कराई जाती है। ठगों ने 38500 का बैंक ड्राफ्ट जमा कराया और पेटीएम से पैसे जमा कराए। कागजात में मेडिकल कालेज का ई मेल, पिन कोड गलत लिखा है। ठगों ने स्नेहा सिंह से 32 लाख रुपये लिए और शिवानी से 50 हजार रुपये लिए।

ठगों ने स्नेहा सिंह से 15 मार्च को 20 लाख रुपये हैलट के वार्ड 50 के पास लिए थे। डील गाजियाबाद के वैशाली में क्लाउड 9 टावर, 18 फ्लोर, सेक्टर एक के कमरा नंबर 1804 में की गई थी। इस कमरे पर साईं एजूकेशन का बोर्ड लगा था। मधु चौहान ने बताया कि नीट में स्नेहा की 386वीं  रैंक है। उसे प्राइवेट कालेज में दाखिल मिल रहा था।

लेकिन ठगों ने लगातार फोन किया और कागजात दिखाए जिससे विश्वास हो गया। डील आकाश सिंह नामक व्यक्ति ने की। 15 मार्च को जब पैसे देने थे तो आकाश सिंह खुद आया था और सर्वोदय नगर के एक होटल में ठहरा था। अब उसके सारे फोन बंद हैं। स्नेहा के पिता से कहा था कि पुलिस को सूचना देने पर मामला फंस जाएगा। वहीं शिवानी के पिता नरेंद्र दास ने बताया कि उसने 50 हजार दिए थे बाकी पैसे एडमीशन लेने के बाद देना को कहा था। पीड़ितों ने अपने फंड से रुपये निकाले थे। पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू की और पीड़ितों के बयान लिए। प्राचार्य ने बताया कि इस संबंध में शासन को सूचना दे दी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed