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कानपुर: दानपात्र से चोरी के आरोपी परमट मंदिर के दो महंतों को मिली जमानत, ये है पूरा मामला
Mon, 09 Aug 2021 11:11 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 09 Aug 2021 11:11 PM IST
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परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर
- फोटो : सोशल मीडिया
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कानपुर में परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर के दानपात्र से चोरी के आरोप में जेल भेजे गए महंत रामदास व महंत चेतनगिरी की जमानत अर्जी अपर जिला जज तृतीय डॉ. कपिला राघव ने स्वीकार कर ली है। दोनों को 50-50 हजार की दो जमानतों और निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है।
वहीं आरोपी तीन कर्मचारियों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई अब 11 अगस्त को होगी। अभियोजन की ओर से कहा गया कि आनंदेश्वर मंदिर के पूर्व कर्मचारी हरिओम शास्त्री, मनीष शर्मा, वेद प्रकाश दीक्षित आदि ने 2 जुलाई को मंदिर की गोशाला में जूना अखाड़े के महंतों से गाली-गलौज की और मंदिर छोड़कर न जाने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
अगले दिन 3 जुलाई की दोपहर इन लोगों ने 14 दानपात्रों एवं कोठार कक्ष का ताला तोड़कर लाखों रुपये की नगदी, सोना-चांदी आदि लूट लिया था। इस मामले में महंत रामदास व चेतनगिरी के पास से भी लूट की रकम से पांच-पांच हजार रुपये के सिक्के बरामद हुए थे।
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वहीं आरोपी तीन कर्मचारियों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई अब 11 अगस्त को होगी। अभियोजन की ओर से कहा गया कि आनंदेश्वर मंदिर के पूर्व कर्मचारी हरिओम शास्त्री, मनीष शर्मा, वेद प्रकाश दीक्षित आदि ने 2 जुलाई को मंदिर की गोशाला में जूना अखाड़े के महंतों से गाली-गलौज की और मंदिर छोड़कर न जाने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
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अगले दिन 3 जुलाई की दोपहर इन लोगों ने 14 दानपात्रों एवं कोठार कक्ष का ताला तोड़कर लाखों रुपये की नगदी, सोना-चांदी आदि लूट लिया था। इस मामले में महंत रामदास व चेतनगिरी के पास से भी लूट की रकम से पांच-पांच हजार रुपये के सिक्के बरामद हुए थे।
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कोतवाली पुलिस ने दोनों को 13 जुलाई को जेल भेजा था। वहीं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बलजीत सिंह यादव व प्राणनाथ मिश्रा ने तर्क रखा कि एफआईआर में यह स्पष्ट नहीं है कि किस साधु को धमकी दी गई। जनता का कोई गवाह भी नहीं बनाया गया है।
मंदिर के कोठार व दानपात्रों की चाभियां महंत श्यामगिरि के पास हैं इसलिए ताला तोड़ने का आरोप झूठा है। विवेचक द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया और झूठे मुकदमे में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने महंतों को जमानत पर छोड़ने के आदेश दे दिए।
मंदिर के कोठार व दानपात्रों की चाभियां महंत श्यामगिरि के पास हैं इसलिए ताला तोड़ने का आरोप झूठा है। विवेचक द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया और झूठे मुकदमे में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने महंतों को जमानत पर छोड़ने के आदेश दे दिए।