{"_id":"6556689ebb1ff8753e0fe994","slug":"two-doctors-did-not-reach-the-board-the-disabled-returned-worried-kanpur-news-c-220-1-akb1003-5311-2023-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: बोर्ड में नहीं पहुंचे दो डाॅक्टर, परेशान होकर लौटे दिव्यांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: बोर्ड में नहीं पहुंचे दो डाॅक्टर, परेशान होकर लौटे दिव्यांग
Fri, 17 Nov 2023 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 17 Nov 2023 12:38 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। सीएमओ कार्यालय में सप्ताह में दो बार दिव्यांग बोर्ड बैठता है। सच्चाई यह है कि इसमें अक्सर कोई न कोई डॉक्टर नदारद रहते हैं। इस वजह से परीक्षण को पहुंचे मरीजों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है।
सीएमओ कार्यालय में सोमवार और गुरुवार को दिव्यांग बोर्ड में हड्डी रोग विशेषज्ञ, आई सर्जन, ईएनटी सर्जन और मनो चिकित्सक की ड्यूटी सुबह 10 बजे से लगाई जाती है, लेकिन कोई भी डॉक्टर एक बजे से पहले बोर्ड में दिव्यांगों के परीक्षण को नहीं पहुंचता है। जबकि दिव्यांग सुबह 10 बजे से परीक्षण कराने पहुंच जाते हैं। गुरुवार को हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गौतम, आई सर्जन डॉ. मालिनी वोहरा, मनोचिकित्सक डॉ. धर्मवीर चौधरी और ईएनटी डॉ. आरके चौबे की ड्यूटी थी। इसमें से डॉ. धर्मवीर चौधरी और डॉ. मालिनी वोहरा बोर्ड में पहुंची ही नहीं तो मनाेरोगी और आंख से जुड़े रोगियों को वापस होना पड़ा। हर बार इस तरह की समस्याओं का सामना दिव्यांगों को करना पड़ रहा है, लेकिन अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं देते। इसके अलावा दिव्यांग बोर्ड के बाहर उनके बैठने के लिए इंतजाम नहीं है। ज्यादातर दिव्यांग जमीन पर बैठते या फिर एक ईट के सहारे रखी कुर्सी पर बैठ जाते हैं।
बोर्ड में दो डॉक्टरों बिना सूचना ही नहीं आए। उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। दिव्यांगों के बैठने के लिए सीएमओ से वार्ता कर हल निकाला जाएगा।-- डॉ. राजकिशोर, नोडल अधिकारी, दिव्यांग बोर्ड
विज्ञापन
बोर्ड में दो डॉक्टरों के नहीं आने के संबंध में मुझे किसी ने जानकारी नहीं दी है। कर्मचारियों से जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।-डॉ.एके सिंह, सीएमओ।
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय में सोमवार और गुरुवार को दिव्यांग बोर्ड में हड्डी रोग विशेषज्ञ, आई सर्जन, ईएनटी सर्जन और मनो चिकित्सक की ड्यूटी सुबह 10 बजे से लगाई जाती है, लेकिन कोई भी डॉक्टर एक बजे से पहले बोर्ड में दिव्यांगों के परीक्षण को नहीं पहुंचता है। जबकि दिव्यांग सुबह 10 बजे से परीक्षण कराने पहुंच जाते हैं। गुरुवार को हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गौतम, आई सर्जन डॉ. मालिनी वोहरा, मनोचिकित्सक डॉ. धर्मवीर चौधरी और ईएनटी डॉ. आरके चौबे की ड्यूटी थी। इसमें से डॉ. धर्मवीर चौधरी और डॉ. मालिनी वोहरा बोर्ड में पहुंची ही नहीं तो मनाेरोगी और आंख से जुड़े रोगियों को वापस होना पड़ा। हर बार इस तरह की समस्याओं का सामना दिव्यांगों को करना पड़ रहा है, लेकिन अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं देते। इसके अलावा दिव्यांग बोर्ड के बाहर उनके बैठने के लिए इंतजाम नहीं है। ज्यादातर दिव्यांग जमीन पर बैठते या फिर एक ईट के सहारे रखी कुर्सी पर बैठ जाते हैं।
विज्ञापन
बोर्ड में दो डॉक्टरों बिना सूचना ही नहीं आए। उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। दिव्यांगों के बैठने के लिए सीएमओ से वार्ता कर हल निकाला जाएगा।
विज्ञापन
बोर्ड में दो डॉक्टरों के नहीं आने के संबंध में मुझे किसी ने जानकारी नहीं दी है। कर्मचारियों से जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।-डॉ.एके सिंह, सीएमओ।