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दो कोरोना संदिग्ध रोगियों ने दम तोड़ा, एक मंगलवार और दूसरा रोगी बुधवार सुबह हुआ था भर्ती
Thu, 16 Apr 2020 01:52 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 16 Apr 2020 01:52 AM IST
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कानपुर के हैलट में दो कोराेना संदिग्धों की मौत
- फोटो : amar ujala
कानपुर हैलट के कोविड-19 हॉस्पिटल के आईसीयू मेें दो कोरोना संदिग्ध रोगियों ने बुधवार को दम तोड़ दिया। रोगियों को गंभीर हालत में सांस की दिक्कत होने की वजह से अस्पताल मेें भर्ती किया गया था। एक रोगी यशोदा नगर और दूसरा हमीरपुर का रहनेे वाला था।
दोनों की लार की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। हैैलट में अभी तक 10 कोरोना संदिग्ध रोगी मर चुके हैं। इनमें सिर्फ एक की रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई है। जिला हमीरपुर के ग्राम उपरख के 56 वर्षीय रोगी को मंगलवार को हैलट के न्यूरो साइंसेस कोविड-19 हॉस्पिटल की आईसीयू में भर्ती किया गया था।
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दोनों की लार की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। हैैलट में अभी तक 10 कोरोना संदिग्ध रोगी मर चुके हैं। इनमें सिर्फ एक की रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई है। जिला हमीरपुर के ग्राम उपरख के 56 वर्षीय रोगी को मंगलवार को हैलट के न्यूरो साइंसेस कोविड-19 हॉस्पिटल की आईसीयू में भर्ती किया गया था।
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कानपुर हैलट
- फोटो : amar ujala
उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। इलाज के दौरान बुधवार सुबह 11.30 बजेे रोगी की मौत हो गई। इसी तरह यशोदानगर के रहने वाले 75 वर्षीय बुजुर्ग को बुधवार सुबह हैलट लाया गया था। ओपीडी गेट की स्क्रीनिंग में कोरोना के लक्षण पाए गए। सांस लेनेे मेें अधिक दिक्कत थी।
रोगी को पहले फ्लू ओपीडी उसके बाद कोविड हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। इलाज के दौरान इनकी भी मौत हो गई। हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि दोनों रोगी रेस्पेरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम से पीड़ित थे। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उनके शवों का अंतिम संस्कार मेडिकल टीम की निगरानी में भैरोघाट स्थित विद्युत शवदाह गृह में कराया गया।
लैब टेेक्नीशियन की तबियत बिगड़ी
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेेज की कोविड लैब में काम करने वाले दो टेक्नीशियन की तबियत बुधवार दोपहर को खराब होने लगी। इससे वहां हलचल मच गई। बाद में प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने बताया कि एसी में लगातार अधिक काम करने से दिक्कत आई है। उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है।
रोगी को पहले फ्लू ओपीडी उसके बाद कोविड हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। इलाज के दौरान इनकी भी मौत हो गई। हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि दोनों रोगी रेस्पेरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम से पीड़ित थे। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उनके शवों का अंतिम संस्कार मेडिकल टीम की निगरानी में भैरोघाट स्थित विद्युत शवदाह गृह में कराया गया।
लैब टेेक्नीशियन की तबियत बिगड़ी
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेेज की कोविड लैब में काम करने वाले दो टेक्नीशियन की तबियत बुधवार दोपहर को खराब होने लगी। इससे वहां हलचल मच गई। बाद में प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने बताया कि एसी में लगातार अधिक काम करने से दिक्कत आई है। उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है।