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कानपुर: वायरल डायरिया का प्रकोप बढ़ा, दो बच्चों की मौत, कई गंभीर
Sun, 29 Aug 2021 10:43 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 29 Aug 2021 10:43 PM IST
सार
बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव का कहना है कि जो रोगी समय से आ जा रहा है। वह ठीक हो जा रहा है। बच्चे को जैसे ही दस्त शुरू हों, उसे अस्पताल ले आएं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर में वायरल फीवर के साथ वायरल डायरिया का भी प्रकोप बढ़ रहा है। वायरल संक्रमण से बच्चों को निमोनिया भी हो रहा है। रविवार को दो बच्चों की डायरिया से मौत हो गई है। इसके साथ ही हैलट के बालरोग अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं।
इमरजेंसी में एक बेड पर दो-तीन बच्चों का इलाज किया जा रहा है। जाजमऊ क्षेत्र के रहने वाले रईस बाबू की ढाई साल की बच्ची खुशबू की डायरिया से मौत हो गई। उसे कई दिन से बुखार आ रहा था। इसके बाद दस्त शुरू हो गए। उसने बताया कि क्षेत्र के एक डॉक्टर के क्लीनिक पर इलाज करा रहे थे।
सुबह पांच बजे बच्ची बेसुध हो गई। डॉक्टर के पास ले गए तो उन्होंने उर्सला ले जाने को कहा। अस्पताल लाते वक्त मौत हो गई। इसी तरह मंधना नानकारी के रहने वाले राजू के डेढ़ साल के बेटे की मौत हो गई। उसे दो दिन से दस्त आ रहे थे। कल्याणपुर के निजी अस्पताल ले आए।
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वहां से हैलट ले जाने को कहा लेकिन बच्चे की हालत बिगड़ी और मौत हो गई। बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव का कहना है कि जो रोगी समय से आ जा रहा है। वह ठीक हो जा रहा है। बच्चे को जैसे ही दस्त शुरू हों, उसे अस्पताल ले आएं।
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इमरजेंसी में एक बेड पर दो-तीन बच्चों का इलाज किया जा रहा है। जाजमऊ क्षेत्र के रहने वाले रईस बाबू की ढाई साल की बच्ची खुशबू की डायरिया से मौत हो गई। उसे कई दिन से बुखार आ रहा था। इसके बाद दस्त शुरू हो गए। उसने बताया कि क्षेत्र के एक डॉक्टर के क्लीनिक पर इलाज करा रहे थे।
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सुबह पांच बजे बच्ची बेसुध हो गई। डॉक्टर के पास ले गए तो उन्होंने उर्सला ले जाने को कहा। अस्पताल लाते वक्त मौत हो गई। इसी तरह मंधना नानकारी के रहने वाले राजू के डेढ़ साल के बेटे की मौत हो गई। उसे दो दिन से दस्त आ रहे थे। कल्याणपुर के निजी अस्पताल ले आए।
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वहां से हैलट ले जाने को कहा लेकिन बच्चे की हालत बिगड़ी और मौत हो गई। बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव का कहना है कि जो रोगी समय से आ जा रहा है। वह ठीक हो जा रहा है। बच्चे को जैसे ही दस्त शुरू हों, उसे अस्पताल ले आएं।
गांव-गांव बढ़ रहे बुखार के रोगी
वायरल फीवर का प्रकोप गांवों में बढ़ता जा रहा है। शहर के साथ ही ब्लॉकों में भी रोगियों की संख्या बढ़ रही है। कल्याणपुर ब्लॉक के कुरसौली गांवों में बुखार का हमला हो रहा है। रोगी यहां कम नहीं हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां एक बार कैंप लगाया गया है।
इसके अलावा शिवराजपुर, उत्तरीपुरा समेत आसपास के गांव में बुखार फैला है। शुक्लापुर की एक महिला में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा सरसौल, पतारा, घाटमपुर के गांवों में हर घर में बुखार का रोगी है। रोगी इलाज कराने के लिए हैलट, उर्सला और निजी अस्पतालों में आ रहे हैं। सीएचसी में आने वाले रोगियों की डेंगू की जांच नहीं हो रही है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जहां बुखार फैल रहा है वहां टीमें जाकर स्लाइड बना रही हैं।
वायरल फीवर का प्रकोप गांवों में बढ़ता जा रहा है। शहर के साथ ही ब्लॉकों में भी रोगियों की संख्या बढ़ रही है। कल्याणपुर ब्लॉक के कुरसौली गांवों में बुखार का हमला हो रहा है। रोगी यहां कम नहीं हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां एक बार कैंप लगाया गया है।
इसके अलावा शिवराजपुर, उत्तरीपुरा समेत आसपास के गांव में बुखार फैला है। शुक्लापुर की एक महिला में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा सरसौल, पतारा, घाटमपुर के गांवों में हर घर में बुखार का रोगी है। रोगी इलाज कराने के लिए हैलट, उर्सला और निजी अस्पतालों में आ रहे हैं। सीएचसी में आने वाले रोगियों की डेंगू की जांच नहीं हो रही है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जहां बुखार फैल रहा है वहां टीमें जाकर स्लाइड बना रही हैं।