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यूपी: बीएड की फर्जी डिग्री मामले में बीस शिक्षक बर्खास्त, छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस किया जारी

Tue, 01 Oct 2019 10:51 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 01 Oct 2019 10:51 PM IST
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Twenty teacher sacked for fake degree in B.Ed.
धोखाधड़ी
फर्रुखाबाद में डा.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2004-05 की फर्जी बीएड डिग्री से नौकरी करने वाले बीस शिक्षकों की बर्खास्तगी तय हो गई है। इसके अलावा 31 और शिक्षक चिह्नित हुए हैं, जिनकी डिग्री फर्जी होने की आशंका है। इनमें नवाबगंज ब्लाक क्षेत्र में तैनात छह शिक्षकों को अपना पक्ष रखने के लिए बीएसए ने नोटिस जारी कर दिया है। 
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डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की वर्ष 2004-05 की बीएड डिग्री से वर्ष 2010 से अभी तक करीब 51 शिक्षक बने हैं। फर्जी डिग्री से नौकरी पाने का मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा। उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रदेश सरकार ने एसआइटी को जांच सौंपी। एसआइटी की जांच में शिक्षकों के अभिलेखों की जांच और पुलिस सत्यापन हुआ।
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इसमें करीब 51 शिक्षक चिह्नित हुए, जिनकी बीएड की डिग्री फर्जी निकली। इसमें से बीस शिक्षकों को तीन बार नोटिस देने के बाद उनका पक्ष भी सुना गया। बीएसए रामसिंह ने बताया कि 20 शिक्षकों की बीएड डिग्री जांच में फर्जी पाई गई। नियमानुसार उनकी सेवा समाप्ति की पूरी कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। अब उनको बर्खास्त किया जाएगा।

यह आदेश जल्द जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा 31 अन्य शिक्षकों को भी फर्जी डिग्री होने की आशंका पर नोटिस दिए जा रहे हैं। इसमें से नवाबगंज ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय ब्राहिमपुर में तैनात शिक्षक कमरूद्दीन, प्राथमिक विद्यालय बमरूलिया के अध्यापक सुधीर, प्राथमिक विद्यालय अटसैनी के शिक्षक सत्यपाल, प्राथमिक विद्यालय सिलसंड के अध्यापक गया प्रसाद, प्राथमिक विद्यालय मिलकिया पहाड़पुर के अध्यापक मनोज मिश्रा,प्राथमिक विद्यालय जटवारा के अध्यापक मनमोहन चित्रवंशी को बीईओ के माध्यम से नोटिस भेजा गया है।

ताकि शिक्षक अपना पक्ष रख सके। उनको दस दिन का समय दिया गया है। यह सभी शिक्षक वर्ष 2010 के बाद के नियुक्त हुए हैं और जिले में तैनात हैं।
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