{"_id":"60f5b7c88ebc3e6d447009f8","slug":"tv-channels-will-run-on-mobile-without-internet","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: बिना इंटरनेट के मोबाइल पर चलेंगे टीवी चैनल, आईआईटी और प्रसार भारती मिलकर करेंगे कमाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: बिना इंटरनेट के मोबाइल पर चलेंगे टीवी चैनल, आईआईटी और प्रसार भारती मिलकर करेंगे कमाल
Mon, 19 Jul 2021 11:11 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 19 Jul 2021 11:11 PM IST
सार
फिल्म, सीरियल, न्यूज चैनल को देखने के लिए रोजाना काफी डाटा खर्च होता है। ऐसे में दर्शकों का डाटा खर्च न हो और उनको टीवी चैनल भी दिखते रहे, इसके लिए तकनीक विकसित की जा रही है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर आईआईटी और प्रसार भारती मिलकर नेक्स्ट जनरेशन ब्रॉड कास्टिंग टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे। एक ऐसी ब्रॉडकॉस्टिंग तकनीक बनाएंगे जिससे लोग बगैर इंटरनेट के मोबाइल पर टीवी चैनल देख सकेंगे।
आईआईटी में नेक्स्ट जेनरेशन ब्रॉडकास्टिंग टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापना की जाएगी। निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि लोग अब मोबाइल, टैबलेट का उपयोग बहुत करने लगे हैं। फिल्म, सीरियल, न्यूज चैनल को देखने के लिए रोजाना काफी डाटा खर्च होता है।
ऐसे में दर्शकों का डाटा खर्च न हो और उनको टीवी चैनल भी दिखते रहे, इसके लिए तकनीक विकसित की जा रही है। प्रसार भारती आर्थिक सहयोग करेगा। प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेम्पति ने बताया कि मेक इन इंडिया के तहत यह कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन
एक ऐसा कॉमन ब्रॉडकॉस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा ताकि ऑडियो और वीडियो ब्रॉडकॉस्ट कटेंट सीधे मोबाइल पर जा सकें। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में डायरेक्ट टू मोबाइल ब्रॉडकॉस्टिंग, कन्वर्जेंस विद 5जी, ऑटोमेटिक स्पीच रिकॉग्नाइजेशन फॉर स्पीच सबटाइटल और ऑडियो और टेक्स्ट क्वेरी पर काम किया जाएगा।
विज्ञापन
आईआईटी में नेक्स्ट जेनरेशन ब्रॉडकास्टिंग टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापना की जाएगी। निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि लोग अब मोबाइल, टैबलेट का उपयोग बहुत करने लगे हैं। फिल्म, सीरियल, न्यूज चैनल को देखने के लिए रोजाना काफी डाटा खर्च होता है।
विज्ञापन
ऐसे में दर्शकों का डाटा खर्च न हो और उनको टीवी चैनल भी दिखते रहे, इसके लिए तकनीक विकसित की जा रही है। प्रसार भारती आर्थिक सहयोग करेगा। प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेम्पति ने बताया कि मेक इन इंडिया के तहत यह कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन
एक ऐसा कॉमन ब्रॉडकॉस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा ताकि ऑडियो और वीडियो ब्रॉडकॉस्ट कटेंट सीधे मोबाइल पर जा सकें। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में डायरेक्ट टू मोबाइल ब्रॉडकॉस्टिंग, कन्वर्जेंस विद 5जी, ऑटोमेटिक स्पीच रिकॉग्नाइजेशन फॉर स्पीच सबटाइटल और ऑडियो और टेक्स्ट क्वेरी पर काम किया जाएगा।
जियोडेसी का शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू
आईआईटी के नेशनल सेंटर फॉर जियोडेसी (एनसीजी) ने सीनियर लेवल सर्वे ऑफ इंडिया (एसआईओ) के अधिकारियों के लिए जियोडेसी (भू-गणित) पर ऑनलाइन शॉर्ट टर्म कोर्स की शुरुआत सोमवार से की है।
कोर्स दो सप्ताह का है। इसमें स्पेस जियोडेसी, एडजस्टमेंट कंप्यूटेशंस और फिजिकल जियोडेसी के बारे में पढ़ाया जाएगा। सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. ओंकार दीक्षित, प्रो. बी. नागराजन और प्रो. बालाजी देवराजू के व्याख्यान प्रतिभागी सुनेंगे।
आईआईटी के नेशनल सेंटर फॉर जियोडेसी (एनसीजी) ने सीनियर लेवल सर्वे ऑफ इंडिया (एसआईओ) के अधिकारियों के लिए जियोडेसी (भू-गणित) पर ऑनलाइन शॉर्ट टर्म कोर्स की शुरुआत सोमवार से की है।
कोर्स दो सप्ताह का है। इसमें स्पेस जियोडेसी, एडजस्टमेंट कंप्यूटेशंस और फिजिकल जियोडेसी के बारे में पढ़ाया जाएगा। सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. ओंकार दीक्षित, प्रो. बी. नागराजन और प्रो. बालाजी देवराजू के व्याख्यान प्रतिभागी सुनेंगे।