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मीर बाकी द्वारा हिंदुओं का कत्लेआम नहीं भूला- रामभद्राचार्य, पीएम मोदी को 'ये करने के लिए कहा'

Thu, 11 Oct 2018 08:01 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 11 Oct 2018 08:01 AM IST
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Tulsi Peethadheeshwar Ram Bhadracharya katha in unnao
तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मगरायर स्थित मां कालिका देवी मंदिर परिसर में तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य ने कलिकाल में रामकथा को ही मां कालिका बताया। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली बदरका का विकास करने और राममंदिर निर्माण शीघ्र होने की बात कही। कहा कि एमपी और एमएलए पांच वर्ष के लिए ही होते हैं। जबकि हम तो ईश्वर के मेंबर आफ परमानेंट है।
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बुधवार को रामकथा का शुभारंभ करते हुए रामभद्राचार्य ने कहा कि उन्होंने 11 वर्ष की अवस्था में ही चंद्रशेखर आजाद पर संस्कृत में अपना ग्रंथ लिखा है। बोले, उनके गांव का विकास न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने नरेंद्र मोदी से उनकी जन्मस्थली पर आकर नमन करने की बात कही। बताया कि वैदिक साहित्य में आक्रांताओं द्वारा सैकड़ों महत्वपूर्ण चीजें हटा दी गईं और हजारों विक्षेप जोड़ दिए गए। आक्रांताओं ने तक्षशिला और नालंदा जैसे हिंदू दर्शन, हिंदी साहित्य के ग्रंथों को संरक्षण करने वाले संस्थानों को जला दिया गया। वेदों और पुराणों में अवांछित सिद्धांत डाल दिए गए। बेईमानों ने जहर घोलने का काम किया है। वेद के एक लाख श्लोकों  में मात्र 10000 श्लोक ही शेष बचे। 
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1528 की 6 जून को मीर बाकी द्वारा 175000 हिंदुओं का कत्लेआम नहीं भूला

Tulsi Peethadheeshwar Ram Bhadracharya katha in unnao
कथा सुनते भक्त - फोटो : अमर उजाला
रामभद्राचार्य ने कहा कि आज आधुनिक साहित्य में राधाकृष्ण का विवाह नहीं बताया जाता। जबकि राधाकृष्ण का विवाह हुआ था। वहीं सीता वनवास जैसे प्रक्षेप जोड़े गए। जबकि सीता का वनवास हुआ ही नहीं था। तुलसीदास ने इन्हीं सब बातों से द्रवित होकर रामचरितमानस रूपी कथा लोगों तक पहुंचाई। रामकथा रूपी गंगा के प्रादुर्भाव के चलते ही आज लोगों में एक संबल है। भारतीय समाज वर्ष 1528 की 6 जून को मीर बाकी द्वारा 175000 हिंदुओं का कत्लेआम नहीं भूला। हमारी अपेक्षाएं थी कि मंदिर का निर्माण हो। हमने बाबर का दीन व इलाही धर्म झेला। मीना बाजार देखा। औरंगजेब की बर्बरता देखी। अकबर ने तो तुलसीदास को जेल में भी डाल दिया लेकिन उन्होंने कहा कि हम चाकर रघुबीर के।

राम ही इस जगत के नियंता हैं

Tulsi Peethadheeshwar Ram Bhadracharya katha in unnao
तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य
उन्होंने रामकथा को मां कालिका के समान बताया। कालिका ने महिषासुर को जिस प्रकार पांच भागों में विभक्त किया और उसको नष्ट करने का काम किया। उसी प्रकार रामचरितमानस में 5 लोगों को महामोह हुआ और सभी का मोह रामकथा के द्वारा नष्ट हुआ। उन्होंने कहा कि राम ही इस जगत के नियंता हैं। सब कर परम प्रकाशक जोई, राम अनादि अवध पति सोई। जगत प्रकाश्य प्रकाशक रामू, मायाधीश ज्ञान गुण धामू।

मगरायर में रामभद्राचार्य की नौ दिवसीय रामकथा का शुभारंभ विधानसभाध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने दीप जलाकर किया। अध्यक्ष ने रामभद्राचार्य का स्वागत सम्मान किया। शाम को उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक ने भी रामभद्राचार्य का आशीर्वाद लिया। रामभद्राचार्य ने भी उन्हें शाल प्रदानकर आशीर्वाद दिया। रविशंकर पांडेय व उनकी धर्मपत्नी ने पादुका पूजन किया। विधानसभाध्यक्ष ने मां कालिका देवी मंदिर में पहुंच पूजन अर्चन किया।
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