अब ‘अखिलेश की फोटो’ बनी अफसरों के लिए मुसीबत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा सरकार ने सरकारी स्कूलों के कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले बच्चों को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चित्र वाले बैग बांटने की योजना बनाई थी। काफी बच्चों को बैग बांट भी दिए गए थे। बैग की सप्लाई करने वाली फर्मों से शिक्षा विभाग को समय से बैग न मिल पाने के कारण इटावा जिले में कक्षा एक और दो में पढ़ने वाले बच्चों को बैग नहीं मिल पाए थे। जब तक बैग आते तब तक प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। इस कारण बैगों का वितरण रुक गया। हालांकि कई स्थानों पर गुपचुप तरीके से बैग बांटे भी गए थे। बकेवर क्षेत्र में आचार संहिता में बैग बांटने पर संकुल प्रभारी पर आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसके बाद बैग वितरण का कार्य रोक दिया गया था। इटावा जिले में करीब बीस हजार बच्चों को बैग वितरण होने थे। अब आचार संहिता समाप्त हो चुकी है। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार बन रही है लेकिन अखिलेश यादव की फोटो वाले स्कूल बैग अभी भी कुछ जगहों पर बांटे जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि शिक्षा विभाग अब इन्हें खपाना चाहता है। इस संबंध में बीएसए ओपी सिंह ने बताया कि बैग वितरण आचार संहिता के कारण रोका गया था। आचार संहिता हटने के बाद बैग बांटने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस संबंध में शासन का कोई आदेश आएगा तो उसका पालन किया जाएगा।