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Kanpur News: महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
Mon, 08 Dec 2025 01:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 08 Dec 2025 01:00 AM IST
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कानपुर देहात। भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के 70वें महापरिनिर्वाण दिवस पर शनिवार को अकबरपुर इंटर कॉलेज में श्रद्धांजलि सभा, जीवन-संघर्ष परिचर्चा और भीम भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला एवं पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी की अगुवाई में अकबरपुर मंडल के विभिन्न गांवों से आए अनुयायियों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर केवल एक महान चिंतक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और आधुनिक भारत के निर्माण के शिल्पी थे। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी दलित, वंचित और शोषित समाज को सम्मान व अधिकार दिलाने की आजीवन लड़ाई लड़ी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, जागरूकता और समाज-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाकर बाबा साहब के सपनों को साकार करें।
वहीं, पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने कहा कि बाबा साहब ने मनुष्य को मनुष्य समझने की नई विचारधारा दी और समाज की जड़ता को तोड़ते हुए आत्मसम्मान की चेतना जगाई। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने संविधान निर्माण के दौरान समानता, धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखा, जिसकी वजह से आज भारत दुनिया का सबसे सशक्त लोकतंत्र बना है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का सपना तभी पूरा होगा जब अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, अवसर, सम्मान और न्याय पहुंचे। यहां आशीष मिश्रा, कृष्णा गौतम, रामकृष्ण भास्कर, सुभाष संखवार, रमेश कठेरिया, भुल्लन कोरी, धर्मेंद्र कुशवाहा, बउवा पांडेय, गुड्डू बाजपेई, गुड्डू मिश्र आदि मौजूद रहे।
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राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर केवल एक महान चिंतक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और आधुनिक भारत के निर्माण के शिल्पी थे। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी दलित, वंचित और शोषित समाज को सम्मान व अधिकार दिलाने की आजीवन लड़ाई लड़ी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, जागरूकता और समाज-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाकर बाबा साहब के सपनों को साकार करें।
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वहीं, पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने कहा कि बाबा साहब ने मनुष्य को मनुष्य समझने की नई विचारधारा दी और समाज की जड़ता को तोड़ते हुए आत्मसम्मान की चेतना जगाई। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने संविधान निर्माण के दौरान समानता, धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखा, जिसकी वजह से आज भारत दुनिया का सबसे सशक्त लोकतंत्र बना है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का सपना तभी पूरा होगा जब अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, अवसर, सम्मान और न्याय पहुंचे। यहां आशीष मिश्रा, कृष्णा गौतम, रामकृष्ण भास्कर, सुभाष संखवार, रमेश कठेरिया, भुल्लन कोरी, धर्मेंद्र कुशवाहा, बउवा पांडेय, गुड्डू बाजपेई, गुड्डू मिश्र आदि मौजूद रहे।
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