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20 हजार कर्मचारियों का वेतन रोका
अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 15 Jan 2015 02:37 AM IST
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कोषागार ने करीब 20 हजार कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। विभागाध्यक्षों ने इन कर्मचारियों के बैंक खाते, मोबाइल नंबर और मेल आईडी का ब्योरा नहीं दिया है। शासन के आदेश पर मुख्य कोषाधिकारी शिव सिंह ने सभी विभागाध्यक्षों से यह जानकारी हर हाल में 31 दिसंबर 2014 तक उपलब्ध कराने और न देने पर वेतन रोकने को कहा था। ‘अमर उजाला’ ने कर्मचारियों और विभागाध्यक्षों को इस बारे में पहले ही चेताया था। स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारियों ने बुधवार को वेतन रिलीज न होने पर हंगामा भी किया।
प्रदेश सरकार ने सभी राज्य कर्मचारियों का डाटा बेस तैयार करने का आदेश दिया था। यह काम जिले के सभी कोषागारों को दिया गया था। कोषागार से कहा गया था कि सभी कर्मचारियों के खाते नंबर आईएफएससी कोड के साथ, मोबाइल नंबर, प्रयोग की जाने वाली आईडी, परिजनों के ब्योरे का डाटा तैयार किया जाए। इसे बाद में एनआईसी ले लेगा। एनआईसी के माध्यम से पूरा डाटा शासन को जाएगा। माना जा रहा है कि डाटा तैयार होने के बाद सरकार अपने कर्मचारियों की निगहबानी आसानी से कर सकेगी। लेकिन इस काम में विभागों की लापरवाही ही सामने आई। लिहाजा सिंचाई विभाग, चकबंदी, शिक्षा और कृषि विभाग समेत कई विभागों के करीब 20 हजार कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। अब यह कर्मचारी वेतन न मिलने से परेशान हैं।
इनसेट-
शहर में करीब 70 हजार राज्य कर्मचारी हैं। इनमें लगभग 50 हजार कर्मचारियों का डाटा ही मिला था। शासन के आदेश का पालन न करने और डाटा न देने पर करीब 20 हजार कर्मचारियों का वेतन रोका गया है। जैसे-जैसे इन कर्मचारियों का डाटा मिलता जाएगा वैसे-वैसे वेतन जारी किया जाता रहेगा।
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-शिव सिंह, मुख्य कोषाधिकारी
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प्रदेश सरकार ने सभी राज्य कर्मचारियों का डाटा बेस तैयार करने का आदेश दिया था। यह काम जिले के सभी कोषागारों को दिया गया था। कोषागार से कहा गया था कि सभी कर्मचारियों के खाते नंबर आईएफएससी कोड के साथ, मोबाइल नंबर, प्रयोग की जाने वाली आईडी, परिजनों के ब्योरे का डाटा तैयार किया जाए। इसे बाद में एनआईसी ले लेगा। एनआईसी के माध्यम से पूरा डाटा शासन को जाएगा। माना जा रहा है कि डाटा तैयार होने के बाद सरकार अपने कर्मचारियों की निगहबानी आसानी से कर सकेगी। लेकिन इस काम में विभागों की लापरवाही ही सामने आई। लिहाजा सिंचाई विभाग, चकबंदी, शिक्षा और कृषि विभाग समेत कई विभागों के करीब 20 हजार कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। अब यह कर्मचारी वेतन न मिलने से परेशान हैं।
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इनसेट-
शहर में करीब 70 हजार राज्य कर्मचारी हैं। इनमें लगभग 50 हजार कर्मचारियों का डाटा ही मिला था। शासन के आदेश का पालन न करने और डाटा न देने पर करीब 20 हजार कर्मचारियों का वेतन रोका गया है। जैसे-जैसे इन कर्मचारियों का डाटा मिलता जाएगा वैसे-वैसे वेतन जारी किया जाता रहेगा।
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-शिव सिंह, मुख्य कोषाधिकारी
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