{"_id":"6a952354219c40344e05db3e","slug":"tragedy-and-hope-waiting-for-three-missing-loved-ones-in-nepal-2026-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"त्रासदी और उम्मीदें: नेपाल में लापता 3 अपनों का इंतजार, बीमार मां-बाप से छिपाया गया दर्द; टीवी-अखबार कराया बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
त्रासदी और उम्मीदें: नेपाल में लापता 3 अपनों का इंतजार, बीमार मां-बाप से छिपाया गया दर्द; टीवी-अखबार कराया बंद
Mon, 31 Aug 2026 12:17 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 31 Aug 2026 12:17 PM IST
सार
नेपाल की बाढ़ में लापता हुए श्यामनगर के एक परिवार के तीन लोगों का अभी तक पता नहीं चल सका है। बुजुर्ग माता-पिता दिल के मरीज हैं। 25 अगस्त को आखिरी बार बात हुई थी।
विज्ञापन
नेपाल की बाढ़ में श्यामनगर के तीन लोग लापता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेपाल में लापता हुए मूल रूप से श्यामनगर निवासी और अमेरिकी नागरिक पंकज मिश्रा, उनकी पत्नी रागिनी मिश्रा और उनके छोटे भाई की पत्नी पूनम मिश्रा का अभी तक पता नहीं चल सका है। बेटे-बहू के लापता होने की खबर अभी बुजुर्ग माता-पिता को इसलिए नहीं दी गई क्योंकि दोनों दिल के मरीज हैं। साथ ही अखबार और टीवी का कनेक्शन भी कटवा दिया गया है ताकि उन्हें किसी तरह इस बात की जानकारी न हो सके।
श्यामनगर के ई ब्लॉक निवासी राजेंद्र मिश्रा रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी हैं। उनके परिवार में पत्नी सुमन मिश्रा, तीन बेटे पंकज मिश्रा, धीरज मिश्रा, अनुज मिश्रा हैं। पंकज अपनी पत्नी रागिनी मिश्रा और बेटे अरमान के साथ यूएस में रहते हैं। उनके साथ छोटा भाई धीरज मिश्रा, पत्नी पूनम मिश्रा, बेटे ध्रुव व बेटी मानसी भी साथ में रहते हैं। पंकज और उनके भाई धीरज, धीरज की पत्नी पूनम मिश्रा सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। पंकज की पत्नी रागिनी मिश्रा सरकारी शिक्षिका हैं। सभी लोग वहीं के ही नागरिक हैं। बीते 20 अगस्त को सभी यूएस फ्लाइट से दिल्ली आए और दिल्ली से कैलाश मानसरोवर यात्रा जाने के लिए काठमांडू के लिए निकले थे।
इससे पहले उन्होंने नेपाल में पशुपतिनाथ के दर्शन किए थे जिसमें उनके साथ 31 लोग थे। इनमें 26 पर्यटक थे जबकि पांच लोग गाइड कर रहे थे। श्यामनगर में रहने वाले सबसे छोटे भाई डॉ. अनुज मिश्रा ने बताया कि आखिरी बार उनकी 25 अगस्त को भाई पंकज से बात हुई थी। इसके बाद से तीनों अभी भी लापता हैं। लगातार फोन मिलाने के बाद भी उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। नेपाल में आई त्रासदी के बाद से घर वाले लगातार बेचैन है। वहां के पीएमओ से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
माता-पिता से फोन पर संपर्क न होने का बता रहे बहाना
भाई अनुज ने बताया कि उनके पिता राजेंद्र और मां सुमन दोनों लोग हार्ट के मरीज हैं। नेपाल में आई त्रासदी के बाद से लगातार बेटे और बहू के लिए परेशान हैं। लगातार बात करने के लिए कह रहे हैं। उनके बार-बार पूछने पर परिजन फोन पर संपर्क नहीं होने की बात कह रहे हैं। परिजन ने घर में आने वाले अखबार को बंद करा दिया, साथ ही टीवी के कनेक्शन को भी कटवा दिया है।
भाई बोला- दोनों के लापता होने से मन बेचैन
पीरोड में रहने वाले रागिनी मिश्रा के भाई प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि रक्षाबंधन पर हर साल उनकी बहन राखी भेजती थी। इस बार भी भेजी थी लेकिन बहन, बहनोई और उनकी देवरानी के लापता होने से मन बेचैन है।
विज्ञापन
श्यामनगर के ई ब्लॉक निवासी राजेंद्र मिश्रा रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी हैं। उनके परिवार में पत्नी सुमन मिश्रा, तीन बेटे पंकज मिश्रा, धीरज मिश्रा, अनुज मिश्रा हैं। पंकज अपनी पत्नी रागिनी मिश्रा और बेटे अरमान के साथ यूएस में रहते हैं। उनके साथ छोटा भाई धीरज मिश्रा, पत्नी पूनम मिश्रा, बेटे ध्रुव व बेटी मानसी भी साथ में रहते हैं। पंकज और उनके भाई धीरज, धीरज की पत्नी पूनम मिश्रा सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। पंकज की पत्नी रागिनी मिश्रा सरकारी शिक्षिका हैं। सभी लोग वहीं के ही नागरिक हैं। बीते 20 अगस्त को सभी यूएस फ्लाइट से दिल्ली आए और दिल्ली से कैलाश मानसरोवर यात्रा जाने के लिए काठमांडू के लिए निकले थे।
विज्ञापन
इससे पहले उन्होंने नेपाल में पशुपतिनाथ के दर्शन किए थे जिसमें उनके साथ 31 लोग थे। इनमें 26 पर्यटक थे जबकि पांच लोग गाइड कर रहे थे। श्यामनगर में रहने वाले सबसे छोटे भाई डॉ. अनुज मिश्रा ने बताया कि आखिरी बार उनकी 25 अगस्त को भाई पंकज से बात हुई थी। इसके बाद से तीनों अभी भी लापता हैं। लगातार फोन मिलाने के बाद भी उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। नेपाल में आई त्रासदी के बाद से घर वाले लगातार बेचैन है। वहां के पीएमओ से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
माता-पिता से फोन पर संपर्क न होने का बता रहे बहाना
भाई अनुज ने बताया कि उनके पिता राजेंद्र और मां सुमन दोनों लोग हार्ट के मरीज हैं। नेपाल में आई त्रासदी के बाद से लगातार बेटे और बहू के लिए परेशान हैं। लगातार बात करने के लिए कह रहे हैं। उनके बार-बार पूछने पर परिजन फोन पर संपर्क नहीं होने की बात कह रहे हैं। परिजन ने घर में आने वाले अखबार को बंद करा दिया, साथ ही टीवी के कनेक्शन को भी कटवा दिया है।
भाई बोला- दोनों के लापता होने से मन बेचैन
पीरोड में रहने वाले रागिनी मिश्रा के भाई प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि रक्षाबंधन पर हर साल उनकी बहन राखी भेजती थी। इस बार भी भेजी थी लेकिन बहन, बहनोई और उनकी देवरानी के लापता होने से मन बेचैन है।