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Kanpur News: आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की होगी ट्रैकिंग
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इटावा। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत दिसंबर में सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार दाखिला पाने व न पाने वाले सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन ट्रैक किया जाएगा। इससे निजी स्कूलों में मनमानी पर अंकुश लगेगी।
गरीब परिवार के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए शासन की ओर से आरटीई योजना का संचालन किया जाता है जिससे निर्बल आय वर्ग परिवार के अभिभावक भी महंगे निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा सकें। इसी प्रावधान से निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटें आरक्षित रहतीं हैं। इस बार शासन की ओर से हर चरण में प्रवेश न पाने वाले बच्चों को किन कारण से दाखिला नहीं मिला, इसकी समीक्षा की जाएगी। संबंधित अधिकारियों व निजी स्कूलों की जवाबदेही तय होगी। आरटीई के तहत प्रवेश लेने में स्कूल प्रबंधन की मनमानी नहीं चलेगी। अगर किसी बच्चे के आवेदन फॉर्म में कोई कमी है तो ब्लॉक स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित कर अभिभावकों से दूर कराया जाएगा। विशेष चरण में छूटे हुए बच्चों को दाखिला दिलाया जाएगा। बीएसए डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि आरटीई के तहत अधिक से अधिक बच्चों को लाभ देने के लिए नये बदलाव किए गए हैं जो शिक्षा सत्र 2026-27 से प्रभावी किए जाएंगे। बच्चों का ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी और अभिभावकों का आधार कार्ड भी सत्यापित होगा।
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गरीब परिवार के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए शासन की ओर से आरटीई योजना का संचालन किया जाता है जिससे निर्बल आय वर्ग परिवार के अभिभावक भी महंगे निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा सकें। इसी प्रावधान से निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटें आरक्षित रहतीं हैं। इस बार शासन की ओर से हर चरण में प्रवेश न पाने वाले बच्चों को किन कारण से दाखिला नहीं मिला, इसकी समीक्षा की जाएगी। संबंधित अधिकारियों व निजी स्कूलों की जवाबदेही तय होगी। आरटीई के तहत प्रवेश लेने में स्कूल प्रबंधन की मनमानी नहीं चलेगी। अगर किसी बच्चे के आवेदन फॉर्म में कोई कमी है तो ब्लॉक स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित कर अभिभावकों से दूर कराया जाएगा। विशेष चरण में छूटे हुए बच्चों को दाखिला दिलाया जाएगा। बीएसए डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि आरटीई के तहत अधिक से अधिक बच्चों को लाभ देने के लिए नये बदलाव किए गए हैं जो शिक्षा सत्र 2026-27 से प्रभावी किए जाएंगे। बच्चों का ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी और अभिभावकों का आधार कार्ड भी सत्यापित होगा।
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