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Kanpur News: बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए कर्ज लेकर जुटाए थे 8.10 लाख रुपये
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कानपुर। मध्य प्रदेश की अंडर-19 क्रिकेट टीम में बेटे क्षितिज का चयन कराने के लिए क्रिकेट कोच के झांसे में आए परिवार ने अपनी गाढ़ी कमाई दांव पर लगा दी थी। पीड़ित खिलाड़ी के सेल्समैन पिता अंशु ने कुल 8.10 लाख रुपये कोच को दे दिए थे। रुपयों की जुगाड़ के लिए जमापूंजी तो दी ही, करीब तीन लाख रुपये कर्जा भी ले लिया। उम्मीद थी कि बेटे का चयन क्रिकेट टीम में हो जाएगा तो उसे खेल कोटे से नौकरी मिल जाएगी। बताया कि कोच ने उन्हें रुपये की जुगाड़ करने के लिए ढाई माह का समय दिया। कहा कि 15 अगस्त से पहले पूरा पैसा देना होगा। ऐसा होने पर ही बेटे का टीम में चयन हो सकता है वरना एक बार टीम की घोषणा हो गई तो फिर कुछ नहीं हो पाएगा। इसके बाद उसके बताए अनुसार छह जून को 1.10 लाख रुपये और सात जून को एक लाख रुपये आदित्य के खाते में ऑनलाइन जमा कराए। 14 अगस्त को उसके साथी देव सिंह, शिवम और अभयराज सिंह के खातों में क्रमश: दो-दो लाख रुपये जमा कराए। इसके बाद टीम की घोषणा हो जाने पर बेटे का नाम नहीं आया।
सरस का आरोप है कि उसने कोच व अन्य के खिलाफ 19 जनवरी को हनुमंत विहार थाने में प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। आईजीआरएस पर शिकायत की तो हनुमंत विहार चौकी प्रभारी शिवबीर सिंह ने 8 मार्च को धोखे से लिखवा लिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहती हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई। एडीसीपी महेश कुमार ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज करने में क्यों लापरवाही हुई, इसकी भी जांच कराई जाएगी।
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सरस का आरोप है कि उसने कोच व अन्य के खिलाफ 19 जनवरी को हनुमंत विहार थाने में प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। आईजीआरएस पर शिकायत की तो हनुमंत विहार चौकी प्रभारी शिवबीर सिंह ने 8 मार्च को धोखे से लिखवा लिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहती हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई। एडीसीपी महेश कुमार ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज करने में क्यों लापरवाही हुई, इसकी भी जांच कराई जाएगी।
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