{"_id":"68e42ff5eab875cd840be944","slug":"to-catch-criminals-he-used-to-raid-with-the-station-in-charge-kanpur-news-c-12-1-knp1088-1289806-2025-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: अपराधियों को पकड़ने के लिए थाना प्रभारियों के साथ देते थे दबिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: अपराधियों को पकड़ने के लिए थाना प्रभारियों के साथ देते थे दबिश
विज्ञापन
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल।
- फोटो : आर्काइब
कानपुर। शहर के नए पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल अपराधियों की हर नस जानते हैं। उन्हें कार्यालय से कहीं ज्यादा फील्ड का अनुभव है। 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी रघुवीर लाल का जन्म उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में हुआ। आईपीएस बनने के बाद सोनभद्र और चित्रकूट में बतौर एसपी रहे। इस दौरान नक्सलियों और डकैतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। अलीगढ़, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद में एसएसपी की जिम्मेदारी संभाली।
लखनऊ में एसएसपी कानून व्यवस्था के पद पर तैनात रहे। वह अपराधियों को पकड़ने के लिए कई बार थाना प्रभारियों के साथ दबिश देने गए। मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान उन्हें ओएसडी के रूप में तैनात किया गया था। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान वह लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव (सुरक्षा) के पद पर रहे। उन्हें स्वतंत्रता दिवस 2023 पर विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। प्रतिनियुक्ति से वापसी के बाद उन्हें एडीजी सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई।
विज्ञापन
लखनऊ में एसएसपी कानून व्यवस्था के पद पर तैनात रहे। वह अपराधियों को पकड़ने के लिए कई बार थाना प्रभारियों के साथ दबिश देने गए। मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान उन्हें ओएसडी के रूप में तैनात किया गया था। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान वह लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव (सुरक्षा) के पद पर रहे। उन्हें स्वतंत्रता दिवस 2023 पर विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। प्रतिनियुक्ति से वापसी के बाद उन्हें एडीजी सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई।
विज्ञापन