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Kanpur News: विकसित राष्ट्र बनने के लिए देश में हो हर वस्तु का उत्पादन
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छत्रपति शाहूजी महाराज विवि में आयोजित सेमिनार में बोलते कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक।
- फोटो : विश्वविद्यालय
कानपुर। नवाचार और उद्यमिता ही सतत और समृद्ध उत्तर प्रदेश 2047 के निर्माण की आधारशिला हैं। इसी उद्देश्य के साथ छत्रपति शाहूजी महाराज विवि में सोमवार को स्टार्ट-अप, सस्टेनेबिलिटी और विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना विषय पर सेमिनार हुआ।
इसमें कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आवश्यक है कि हर वस्तु का उत्पादन देश में ही किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादन और नवाचार ही भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अग्रसर कर सकते हैं।
इससे पहले एमएसएमई संयुक्त निदेशक विष्णु कुमार वर्मा, संयुक्त आयुक्त उद्योग सुनील कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दोनों विशिष्ट अतिथियों ने नवाचार आधारित विकास, सस्टेनेबिलिटी एवं विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के रोडमैप पर प्रकाश डाला।
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इसमें विवि के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों, नवाचार प्रकोष्ठ के सदस्यों तथा इन्क्यूबेटेड एवं प्री-इन्क्यूबेटेड स्टार्ट-अप्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्टार्ट-अप की डीन डॉ. शिल्पा कायस्था ने विकसित उत्तर प्रदेश 2047 विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए नवाचार और उद्यमिता की भूमिका को रेखांकित किया।
इस दौरान सनराइज ग्रोव प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक अंकुश सक्सेना, ऑटोक्लिक प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक सार्थक तिवारी, फ्लोटा के भुवन भाटिया, एनकोष के आशुतोष तिवारी, क्लेमागो एनालिटिक्स के हर्षित मिश्रा ने अपने स्टार्टअप का प्रदर्शन किया। धन्यवाद ज्ञापन अनिल कुमार त्रिपाठी ने किया।
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इसमें कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आवश्यक है कि हर वस्तु का उत्पादन देश में ही किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादन और नवाचार ही भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अग्रसर कर सकते हैं।
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इससे पहले एमएसएमई संयुक्त निदेशक विष्णु कुमार वर्मा, संयुक्त आयुक्त उद्योग सुनील कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दोनों विशिष्ट अतिथियों ने नवाचार आधारित विकास, सस्टेनेबिलिटी एवं विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के रोडमैप पर प्रकाश डाला।
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इसमें विवि के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों, नवाचार प्रकोष्ठ के सदस्यों तथा इन्क्यूबेटेड एवं प्री-इन्क्यूबेटेड स्टार्ट-अप्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्टार्ट-अप की डीन डॉ. शिल्पा कायस्था ने विकसित उत्तर प्रदेश 2047 विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए नवाचार और उद्यमिता की भूमिका को रेखांकित किया।
इस दौरान सनराइज ग्रोव प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक अंकुश सक्सेना, ऑटोक्लिक प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक सार्थक तिवारी, फ्लोटा के भुवन भाटिया, एनकोष के आशुतोष तिवारी, क्लेमागो एनालिटिक्स के हर्षित मिश्रा ने अपने स्टार्टअप का प्रदर्शन किया। धन्यवाद ज्ञापन अनिल कुमार त्रिपाठी ने किया।