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कक्षा नौ के इतिहास से हटेंगे जातिगत संघर्ष, क्रिकेट और धर्म आधारित पाठ्यक्रम
Sun, 24 Mar 2019 01:10 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 24 Mar 2019 01:10 PM IST
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फाइल फोटो
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के पाठ्यक्रम में बदलाव का फैसला लिया है। इसके मुताबिक, सरकार एनसीईआरटी की कक्षा नौ की इतिहास की पुस्तक से जातिगत संघर्ष से जुड़े कुछ पाठ हटाएगी।
सरकार की ओर से यह फैसला सिलेबस को तार्किक आधार पर सुदृढ़ बनाने की कवायद के तहत लिया गया है। इससे पहले केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने छात्रों से भारीभरकम सिलेबस का बोझ घटाने के लिए पहल की थी।
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सरकार की ओर से यह फैसला सिलेबस को तार्किक आधार पर सुदृढ़ बनाने की कवायद के तहत लिया गया है। इससे पहले केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने छात्रों से भारीभरकम सिलेबस का बोझ घटाने के लिए पहल की थी।
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किताबों से जातिगत संघर्ष वाले पाठ हटाने को लेकर एनसीईआरटी के अधिकारियों ने कहा कि जिन पाठों को हटाया जाना है, उनमें से एक पोशाक के बारे में है। इस पाठ में बताया गया है कि कैसे सामाजिक आंदोलन हमारे पहनावे को प्रभावित करते हैं।
इसलिए इसे किताबों से हटाने का फैसला किया गया है। वहीं दूसरे पाठ में भारत में क्रिकेट के इतिहास और जाति, धर्म और समुदाय की सियासत को लेकर जानकारी दी गई है। सरकार ने अब इन विषयों पर जानकारी हटाने का फैसला किया है। तीसरा पाठ पूंजीवाद की वृद्धि और कैसे उपनिवेशवाद ने किसानों की जिंदगी बदल दी, इस पर केंद्रित है। इसलिए इसे भी किताबों से जल्द हटा लिया जाएगा।
इसलिए इसे किताबों से हटाने का फैसला किया गया है। वहीं दूसरे पाठ में भारत में क्रिकेट के इतिहास और जाति, धर्म और समुदाय की सियासत को लेकर जानकारी दी गई है। सरकार ने अब इन विषयों पर जानकारी हटाने का फैसला किया है। तीसरा पाठ पूंजीवाद की वृद्धि और कैसे उपनिवेशवाद ने किसानों की जिंदगी बदल दी, इस पर केंद्रित है। इसलिए इसे भी किताबों से जल्द हटा लिया जाएगा।