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विवाहिता से सामूहिक दुष्कर्म में तीन को कारावास, पुलिस ने नहीं की थी सुनवाई, ऐसे दर्ज हुई थी रिपोर्ट

Thu, 06 Feb 2020 08:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 06 Feb 2020 08:17 PM IST
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Three get imprisoned for gang-misdeed case
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pexels.com
फतेहपुर में विवाहिता से घर में घुसकर गैंगरेप के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने अपना फैसला सुनाया है। प्रकरण अदालत में चार वर्ष से विचाराधीन था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमलकांत श्रीवास्तव ने सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव की ओर से पेश साक्ष्यों और गवाहों को मद्देनजर रखते हुए तीनों दोषियों को बीस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 
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घटना थरियांव क्षेत्र के एक गांव की है। कौशांबी जनपद के एक इंटर कालेज के कर्मचारी का परिवार यहां गांव में रहता था। 19 मई 2016 को गर्मी अत्यधिक होने के कारण पूरा परिवार रात को छत पर सो रहा था और कर्मचारी की पत्नी नीचे सोई थी। अधिवक्ता के मुताबिक रात बारह बजे गांव के ही जुग्गीलाल, मुन्नाभाई उर्फ कृष्ण प्रसाद और रामसरन उसके घर में घुस गए और मुंह में कपड़ा ठूंसकर विवाहिता के साथ दुष्कर्म किया था।
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पीड़िता ने घटना की जानकारी परिजनों को दी तो अगली सुबह ही प्रकरण थरियांव थाने पहुंचा था। सामूहिक दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामले में भी पुलिस ने सीधे एफआईआर नहीं लिखी। पीड़िता और उसके परिजन न्याय पाने के लिए तकरीबन दो माह तक थाने से लेकर एसपी और डीएम कार्यालय तक के चक्कर काटते रहे। लिहाजा पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
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कोर्ट ने थरियांव थाना पुलिस को गैंगरेप की एफआईआर लिखने के आदेश दिए थे। तब जाकर पुलिस ने पीड़िता की एफआईआर लिखी थी। इसके बाद से प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था। गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में प्रकरण की सुनवाई कर रहे अपर जिला जज ने तीनों को दोषी मानते हुए को बीस-बीस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत ने तीनों पर क्रमश: 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अभियुक्तों से लिए जाने वाली जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को देय होगी। अदालत का आदेश आने के बाद तीनों दोषियों को जेल भेज दिया गया। घटना के बाद से तीनों जमानत पर रिहा चल रहे थे। 

अभियुक्त की ओर से पहले कराई गई थी एफआईआर
पीड़िता की ओर से गैंगरेप की एफआईआर कराने के पहले मुल्जिमों में से एक जुग्गीलाल की ओर से पीड़िता के पुत्र और उसके देवर के विरुद्ध एफआईआर कराई गई थी। मुल्जिम ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी के साथ पीड़िता के पुत्र और देवर ने छेड़खानी की थी।   
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