Kanpur: तीन डंपरों की टक्कर…एनएचएआई नहीं हटा पाया क्षतिग्रस्त वाहन, सागर हाईवे पर 13 घंटे से 15 KM जाम
Kanpur News: डंपरों की भिड़ंत के ढाई घंटे पहले गुरुवार की रात 9.30 बजे पतारा कस्बे में डंपर खराब होने से जाम लग गया। उसको हटाने में 11 बज गए। यहां पर जाम खुल ही रहा था तभी 12 बजे रात कुछ किमी दूर तीनों डंपरों की भिड़ंत से फिर जाम लग गया।
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कानपुर-सागर हाईवे पर गुरुवार की रात करीब 12 बजे टेनापुर मोड़ के पास तीन डंपर आपस में टकरा गए। हादसे में एक डंपर का चालक केबिन में फंस गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दो घंटे की मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। वहीं, हाईवे पर क्षतिग्रस्त वाहनों के खड़े होने से जाम लग गया और कुछ ही घंटों में दोनों ओर करीब 10 से 15 किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। करीब 13:30 घंटे बाद शुक्रवार दोपहर एक बजे जाम खुल सका।
सजेती थाना क्षेत्र के बांध गांव निवासी डंपर चालक रोहित यादव गाड़ी में मौरंग लोड कानपुर जा रहा था तभी टेनापुर मोड़ के पास आगे चल रहे डंपर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दी। इससे पीछे चल रहे दो डंपर आपस में टकरा गए। हादसे में बीच में फंसे डंपर का केबिन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और चालक रोहित उसमें फंस गया। राहगीरों की सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंची रोहित को करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद केबिन से बाहर निकाल सकी।
धीरे-धीरे जाम खुलना शुरू हुआ
उसे गंभीर हालत में सीएचसी भेजा गया, जहां से हैलट रेफर कर दिया गया। वहीं, हाईवे पर तीनों क्षतिग्रस्त डंपरों के न हटने से सड़क के दोनों ओर जाम लगने लगा और कुछ ही घंटों में दोनों ओर 10 से 15 किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गई। सुबह यातायात का दबाव बढ़ने पर पुलिस ने एक लेन से वाहनों को निकलाना शुरू कराया। शुक्रवार दोपहर क्षतिग्रस्त डंपरों को सड़क से हटवाए जाने के बाद धीरे-धीरे जाम खुलना शुरू हुआ और शाम चार बजे के बाद यातायात पूरी तरह से बहाल हो सका।
ओवरलोड व डंपर के चक्के जाम होने से पीएनसी की क्रेन भी हुई फेल
पुलिस ने पीएनसी की क्रेन से ओवरलोड डपरों क हटाने का प्रयास किया, लेकिन चक्के जाम होने की वजह से गाड़ियों को हटाया नहीं जा सका। दोपहर में डंपरों के चक्के का प्रेसर कम किया गया और प्राइवेट क्रेन से घसीट कर किनारे किए गए। थाना प्रभारी धनंजय पांडेय बताया कि गाड़ियों के चक्के जाम हो गए थे। डंपरों में क्षमता से अधिक लोड होने से इन्हें क्रेन उठा ही नहीं पा रही थी। दोपहर में डंपरों के जाम चक्कों का प्रेशर कम कराकर प्राइवेट क्रेन से हटवाया गया। वहीं, एनएचआई के परियोजना निदेशक अमन रोहिल्ला ने बताया कि क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाने की जिम्मेदारी एनएचआई की ही है। दोपहर तक वाहन क्यों नहीं हटाए गए, इसकी जानकारी की जाएगी।
भीतरगांव होकर निकलते रहे छोटे बड़े वाहन
जिन वाहन चालकों को जाम की जानकारी मिल गई, उन्होंने बाया भीतरगांव से निकलने में ही भलाई समझी। घाटमपुर से कानपुर जाने वाले वाहन कूष्मांडा मंदिर तिराहे से भीतरगांव होते हुए निकले। वहीं, कानपुर से घाटमपुर की ओर जाने वाले वाहन पतारा से पहले धरमपुर बंबे होते हुए भीतरगांव की ओर गए। जाम में एंबुलेंस भी फंसी रहीं।
कई-कई घंटे फंसे रहे वाहन सवार
हादसे के बाद एक साइड से आवागमन शुरू करा दिया गया था, लेकिन वाहन रेंग-रेंग कर निकल पा रहे थे, जिसकी वजह से जाम बढ़ता गया। पतारा कस्बा निवासी कार सवार सम्मी गुप्ता ने बताया कि वह एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने कानपुर गए थे। वहां से देर रात वापस लौट रहे थे तभी शम्भूआ के पास जाम में रात करीब एक बजे फंस गए। उन्हें छह किलोमीटर का सफर तय करने में छह घंटे लग गए। शुक्रवार की सुबह कानपुर से लौट रहे नौरंगा निवासी गोपाल अवस्थी ने बताया कि वह कानपुर से लौट रहे थे तभी धरमपुर बंबा पर जाम में फंस गए। 10 किलोमीटर का रास्ता तय करने में दो घंटे का समय लग गया। इसी तरह कार सवार हमीरपुर निवासी रामसेवक ने बताया कि सुबह लखनऊ पहुंचना था, लेकिन यहीं हो गई है। अब लखनऊ न जाकर घर वापसी कर रहे हैं।
पहले पतारा में डंपर खराब होने से लगा था जाम
डंपरों की भिड़ंत के ढाई घंटे पहले गुरुवार की रात 9.30 बजे पतारा कस्बे में डंपर खराब होने से जाम लग गया। उसको हटाने में 11 बज गए। यहां पर जाम खुल ही रहा था तभी 12 बजे रात कुछ किमी दूर तीनों डंपरों की भिड़ंत से फिर जाम लग गया।