Kanpur: हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक से तीन की मौत, कार्डियोलॉजी में भर्ती हुए 32 रोगी, इन बातों का रखें ध्यान
मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव से रोगियों को दिक्कत हो रही है। इसके चलते कानपुर में हार्ट अटैक से दो, ब्रेन अटैक से एक और निमोनिया से दो मौत हो गई। वहीं, कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में 32 रोगी भर्ती किए गए।
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कानपुर में तापमान का उतार-चढ़ाव लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। लोगों का ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जा रहा है। इससे हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक के रोगी बढ़ रहे हैं। वायरल संक्रमण फैलने के कारण लोगों को निमोनिया हो जा रहा है। बुधवार को हार्ट अटैक से दो, ब्रेन अटैक से एक और निमोनिया से दो रोगियों की मौत हुई है।
हैलट इमरजेंसी में ब्रेन अटैक के पांच रोगी भर्ती हुए हैं। कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में 25 रोगियों को भर्ती किया गया। कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में हार्ट अटैक के दो रोगी मृतावस्था में लाए गए। रोगियों की तबियत अचानक बिगड़ी, बेहोश होकर गिरे और मौत हो गई।
कार्डियोलॉजी की ओपीडी में आए कई रोगी ऐसे आए जिन्हें जाड़े के पहले ब्लडप्रेशर की दिक्कत नहीं थी। उनका ब्लडप्रेशर अचानक बढ़ गया। चकेरी के रहने वाले रामदेव (47) की ब्रेन अटैक से मौत हुई। परिजन उन्हें लालबंगला के एक अस्पताल ले गए थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
निमोनिया से दो रोगियों की मौत हुई थी। ये सीओपीडी के रोगी थे। चेस्ट हॉस्पिटल में ओपीडी स्तर पर इनका इलाज चल रहा था। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के सीनियर फिजीशियन डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि जाड़े में धमनियों और नसों में सिकुड़न आने से खून का थक्का जम जाता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- 30 साल से अधिक उम्र के लोग ब्लडप्रेशर चेक करा लें।
- दवाओं से बीपी नियंत्रित न हो रहा हो तो खुराक दुरु स्त कराएं।
- खानपान दुरुस्त रखें, गरिष्ठ भोजन न करें।
- गर्म कमरे से अचानक बाहर ठंड में न आएं।
- सुबह-शाम बाहर निकलें तो ढंग से गर्म कपड़े पहने रहें।