फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

PHOTOS: मां को बचाने गंगा में कूदे थे तीनों बच्चे, पानी में ही थम गईं सांसें 

Thu, 07 Sep 2017 09:40 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 07 Sep 2017 09:40 AM IST
विज्ञापन
Three children drown in Ganga
गंगा में डूबकर तीन बच्चों की मौत
कानपुर के श‌िवराजपुर इलाके में प्राचीन खेरेश्वर तट पर बीच धारा में गंगा स्नान कर रही मां को डूबता देख तीन बच्चों ने पानी में छलांग लगा दी। शोर-शराबा सुनकर गोताखोर उन्हें बचाने को नदी में कूद गए। जाल डालकर महिला को तो बचा लिया गया लेकिन उसके तीनों बच्चों की मौत हो गई। 

 
Three children drown in Ganga
घटना के बाद बेसुध हुई पीड़ित मां गीता पाल 
शिवराजपुर विकास खंड क्षेत्र के रामपुर नरुआ गांव निवासी सर्वेश पाल की पत्नी गीता पाल बुधवार सुबह पूर्णिमा पर्व पर बेटी राखी (13), उमा (10) और बेटा सूरज (10) संग खेरेश्वर स्थित प्राचीन गंगा तट पर स्नान के लिए आई थी। शिवराजपुर एसओ जसवंत सिंह ने बताया कि वे सुबह करीब 11 बजे खेरेश्वर गंगा तट के पक्का घाट पहुंचे। गीता ने नदी का तेज बहाव देख पहले अपने तीनों बच्चों को स्नान कराया। इसके बाद स्वयं नदी में स्नान करने उतरी।
 
Three children drown in Ganga
तीनों बच्चों की तलाश करने के लिए तट पर मौजूद गोताखोर 
गीता ने जैसी नदी में डुबकी लगाई तो वह तेज बहाव में संतुलन खो बैठी और गहरे पानी में चली गई। मां को डूबता देख तीनों बच्चों ने बिना सोचे-समझे ही नदी में छलांग लगा दी। चारों को गोता खाता देख स्नान को आए लोगों ने पक्के घाट की ओर दौड़ लगाई। घाट के गोताखोर लालू, रजोल, भगवानदीन और शिवकुमार चारों को बचाने को नदी में कूद गए।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Three children drown in Ganga
घटना के बाद बेसुध हुई पीड़ित मां गीता पाल 
गोताखोरों ने गीता को तो सकुशल बाहर निकाल लिया, लेकिन तीनों बच्चे गंगा के बहाव में लापता हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी नाविकों को बुलाकर नदी में जाल डलवाया। करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद पहले उमा को बेसुध हालत और सूरज को गंभीर हालत में बाहर निकाला। आनन-फानन में दोनों को सीएचसी भेजा गया, जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

 
विज्ञापन
Three children drown in Ganga
घटना के बाद बेसुध हुए पिता सर्वेश को समझाते परिजन 
वहीं देर शाम तक नदी के तेज बहाव में राखी का कोई सुराग नहीं लग सका। एकाएक दो बच्चों की मौत और एक बच्चे के लापता हो जाने से गीता और सर्वेश रो रोकर बेसुध हो गए। घटना की सूचना के बाद बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के लोग खेरेश्वर घाट पर पहुंचे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed