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Kanpur News: कोडीनयुक्त सिरप बेचने वालों पर हो सकती गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
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कानपुर। शहर में कोडीनयुक्त सिरप बेचने वाली फर्मों व मेडिकल स्टोरों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है। शहर की 13 फर्मों व स्टोरों एफएसडीए आयुक्त के निर्देश के बाद कार्रवाई हो सकती है।
कोडीनयुक्त कफ सिरप व अन्य नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं को मनमाने तरीके से बेचने वालों के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने दिए हैं। उन्होंने इन फर्मों-मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को पत्र लिखा है। पत्र में बताया है कि कोडीनयुक्त सिरप और नारकोटिक्स दवाएं चिकित्सक के पर्चे पर बेची जाती हैं। इसके लिए लाइसेंस अनिवार्य है।
प्रदेश में औषधि निरीक्षकों की ओर से लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। जांच रिपोर्ट में जिनके नाम बार-बार सामने आ रहे हैं, उनके खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। शहर में सबसे ज्यादा बार नाम आने वाली फर्म अग्रवाल ब्रदर्स है। फर्म पर एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। दूसरी फर्म बिरहाना रोड की प्रेमा एजेंसी और तीसरी फर्म एसजीपीएस है। हालांकि दोनों के लाइसेंस अभी तक निरस्त नहीं हुए हैंं और न ही कोई तहरीर दी गई है। ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल ने बताया कि इनकी जांच चल रही है। बहुत जल्द ही इन पर कार्रवाई की जाएगी। मसाईको, मेडिसिना के अलावा श्री बालाजी, सिसोदिया, मां दुर्गा मेडिकोज, आरएस हेल्थकेयर, एएस हेल्थकेयर पर भी गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है।
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कोडीनयुक्त कफ सिरप व अन्य नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं को मनमाने तरीके से बेचने वालों के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने दिए हैं। उन्होंने इन फर्मों-मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को पत्र लिखा है। पत्र में बताया है कि कोडीनयुक्त सिरप और नारकोटिक्स दवाएं चिकित्सक के पर्चे पर बेची जाती हैं। इसके लिए लाइसेंस अनिवार्य है।
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प्रदेश में औषधि निरीक्षकों की ओर से लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। जांच रिपोर्ट में जिनके नाम बार-बार सामने आ रहे हैं, उनके खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। शहर में सबसे ज्यादा बार नाम आने वाली फर्म अग्रवाल ब्रदर्स है। फर्म पर एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। दूसरी फर्म बिरहाना रोड की प्रेमा एजेंसी और तीसरी फर्म एसजीपीएस है। हालांकि दोनों के लाइसेंस अभी तक निरस्त नहीं हुए हैंं और न ही कोई तहरीर दी गई है। ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल ने बताया कि इनकी जांच चल रही है। बहुत जल्द ही इन पर कार्रवाई की जाएगी। मसाईको, मेडिसिना के अलावा श्री बालाजी, सिसोदिया, मां दुर्गा मेडिकोज, आरएस हेल्थकेयर, एएस हेल्थकेयर पर भी गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है।
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