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Kanpur: इस बार लंबा होगा जाड़े का मौसम, पड़ेगी कड़ाके की ठंड, इसी महीने से सक्रिय हो जाएगा ला नीना
Thu, 05 Sep 2024 12:11 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 05 Sep 2024 12:11 AM IST
सार
मौसम विभाग की मानें तो इस बार जाड़े का मौसम लंबा होगा और कड़ाके की ठंड पड़ेगी। समुद्री हवाएं सामान्य से ज्यादा ठंडी हो जाएंगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इस बार जाड़े का मौसम लंबा होगा। साथ ही ठंड भी कड़ाके की पड़ेगी। भारतीय मौसम का पूर्वानुमान है कि इस बार अक्तूबर तक बारिश का मौसम भी बना रहेगा और ला नीना समय से पहले यानि इसी महीने से सक्रिय हो जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार ला नीना के सक्रिय होने से समुद्र ठंडा हो जाता है, जिससे उठने वाली हवाएं वातावरण में नमी पैदा करती हैं। ऐसे में ठंडक लगने लगती है।
पूर्वानुमान है कि जिस तरह से इस बार चिलचिलाती गर्मी ने सभी को परेशान किया, उसी तरह ठंडक भी दिक्कत कर सकती है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार आमतौर पर 15 सितंबर से मानसून की वापसी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। ऐसे में बारिश का सिलसिला भी लंबा चलने का अनुमान है। इसकी वजह से ठंडक भी ज्यादा पड़ेगी। इस बीच बुधवार शाम तेज बारिश की वजह से मौसम में बदलाव आया। इस बीच बंगाल की खाड़ी पर एक और निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है, जो मौसम के उतार-चढ़ाव पर असर डालेगा।
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पूर्वानुमान है कि जिस तरह से इस बार चिलचिलाती गर्मी ने सभी को परेशान किया, उसी तरह ठंडक भी दिक्कत कर सकती है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार आमतौर पर 15 सितंबर से मानसून की वापसी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। ऐसे में बारिश का सिलसिला भी लंबा चलने का अनुमान है। इसकी वजह से ठंडक भी ज्यादा पड़ेगी। इस बीच बुधवार शाम तेज बारिश की वजह से मौसम में बदलाव आया। इस बीच बंगाल की खाड़ी पर एक और निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है, जो मौसम के उतार-चढ़ाव पर असर डालेगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
ला नीना में सामान्य से ज्यादा ठंडा हो जाता है समुद्र
ला नीना मध्य और पूर्वी भूमध्य रेखीय प्रशांत क्षेत्र में लगातार सामान्य से अधिक ठंडे समुद्र की सतह के तापमान को संदर्भित करता है। ला नीना के कारण महासागर में पानी सामान्य से ज्यादा ठंडा हो जाता है। इससे उठने वाली हवाएं भी ठंडक लेकर उठती हैं, जो अपने वातावरण पर असर डालती हैं।
ला नीना मध्य और पूर्वी भूमध्य रेखीय प्रशांत क्षेत्र में लगातार सामान्य से अधिक ठंडे समुद्र की सतह के तापमान को संदर्भित करता है। ला नीना के कारण महासागर में पानी सामान्य से ज्यादा ठंडा हो जाता है। इससे उठने वाली हवाएं भी ठंडक लेकर उठती हैं, जो अपने वातावरण पर असर डालती हैं।
ला नीना की जल्दी सक्रियता की वजह से ठंड जल्दी आने और बारिश का मौसम देर तक चलने की वजह से ठंड कड़ाके की पड़ने की संभावना है। पिछले वर्ष से ज्यादा ठंडक पड़ सकती है।- एसएन पांडेय मौसम विशेषज्ञ