डायबिटीज कम उम्र में ही पैर के पंजे कर दे रही सुन्न, आंतों की चाल में भी आ रही गड़बड़ी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौंकाने वाली बात यह है कि डायबिटीज के रोगियों में अब न्यूरोपैथी की दिक्कत जल्दी हो रही है। बिगड़ी लाइफ स्टाइल, खानपान और प्रदूषण का माहौल रोग के लक्षणों को अधिक गंभीर बना दे रहा है। स्थिति के मद्देनजर डायबिटीज के कारणों को और गहराई से जानने के लिए मेडिकल कॉलेज की एथिक्स कमेटी ने प्रोजेक्ट पास किया है। प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार के क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया में पंजीकृत करा दिया गया है। इसमें रोगियों के शरीर में मैग्नीशियम और फास्फोरस की मात्रा को डायबिटीज से जोड़कर देखा जाएगा।
डायबिटिक न्यूरोपैथी कम उम्र के रोगियों को भी हो जा रही है। इसका प्रभाव पूरे शरीर पर आ रहा है। ऑटोनोमस न्यूरोपैथी में रोगी को अचानक हार्ट अटैक पड़ सकता है। हार्ट रेट कम हो जाती है और ब्लडप्रेशर नीचे आ जाता है। इस पर और बारीकी से अध्ययन के लिए शोध किया जाएगा। इसके साथ ही रोगियों को विशेष एहतियात बताए जा रहे हैं।
- डॉ. सौरभ अग्रवाल, डायबिटीज विशेषज्ञ, मेडिसिन विभाग
लक्षण
पैरों में जलन, सुन्न होना, दर्द होना, बिना दर्द के घाव हो जाना, चलनेे, उठने-बैठने में दर्द होना, हाथ-पैर झनझनाहट होना वगैरह।
एहतियात
ब्लड शुगर नियंत्रित रखें। विटामिन लेते रहें। पैरों की देखभाल करें, नंगे पैर न चलें। सोने के पहले गुनगुने पानी से पैर धोएं, उंगलियों और पैर में क्रीम आदि लगाएं।