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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   There is no arrangement for measuring sound in Farrukhabad, yet the campaign is going on in full swing

फर्रुखाबाद: ध्वनि मापने का इंतजाम ही नहीं, फिर भी हवा में चल रहा है जोर-शोर से अभियान

Sun, 08 May 2022 03:37 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 08 May 2022 03:37 PM IST
सार

प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा ध्वनि प्रदूषण को कम करने का अभियान जमीनी स्तर पर नहीं दिख रहा है। जिले के 325 स्थानों में 230  से पुलिस ने लाउडस्पीकर उतरवाए। वहीं, 95 स्थानों पर लगे लाउडस्पीकर लोगों ने खुद उतारे हैं। 

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There is no arrangement for measuring sound in Farrukhabad, yet the campaign is going on in full swing
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

फर्रुखाबाद में ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए भले ही अभियान चल रहा हो, मगर प्रशासन के पास ध्वनि मापने के इंतजाम तक नहीं हैं। आवाज कम करने का दावा हवा में ही किया जा रहा है। जिन धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर लगे हैं, वह अभी भी कानफोड़ू बने हुए हैं। पुलिस चिह्नित 325 स्थानों में से 230 से लाउडस्पीकर उतरवाने का दावा कर रही है, जबकि 95 स्थानों से लोगों ने खुद ही उतारे हैं।

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धर्मस्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों से छात्रों, बुजुर्गों और मरीजों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो रही थी। मानक के अनुसार आवासीय क्षेत्र में दिन में 55 और रात में 45 डेसीबल से अधिक आवाज नहीं होनी चाहिए, लेकिन अभी तक मनमाने तरीके से लाउडस्पीकरों को बजाया जा रहा था। कोर्ट ने संज्ञान लेकर हर हाल में मानक का पालन कराने के निर्देश दिए। शासन की सख्ती के बाद पुलिस प्रशासन ने जिले में 325 स्थानों पर लाउडस्पीकर लगा होना चिह्नित किया। पुलिस ने 230 स्थानों से लाउडस्पीकर उतरवाए। पुलिस का दावा है कि 95 स्थानों से लोगों ने खुद उतार लिए।

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पुलिस प्रशासन जिले में लाउडस्पीकरों के मानक के अनुसार बजने की बात कह रहा है। जबकि यह दावा कितना मजबूत है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में ध्वनि प्रदूषण मापने के लिए न तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास कोई यंत्र है और नहीं प्रशासन के पास। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किस आधार पर कहा जा रहा है कि ध्वनि प्रदूषण नहीं हो रहा है। जबकि सच यह है कि जिन धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर लगे हैं, वहां अभी भी तेज आवाज में बजाए जा रहे हैं। इससे लोगों को खासी परेशानी हो रही है।

फर्रुखाबाद में ध्वनि प्रदूषण मापने के लिए कोई भी यंत्र नहीं लगा है। कानपुर में चार-पांच स्थानों पर ध्वनि मापक यंत्र लगे हैं। जिला प्रशासन स्तर से प्रस्ताव बनाकर यदि भेजा जाए, तो यंत्र लग सकता है। - फरेश कुमार, सहायक पर्यावरण अभियंता, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर

 

आवाज मापने का कोई यंत्र नहीं है। धर्मस्थलों में लगे एंप्लीफायर से आवाज कम करवा दी गई है। व्यवस्थापकों से कह दिया कि परिसर से बाहर आवाज नहीं जानी चाहिए। शिकायत आएगी, तो जांच कर कार्रवाई करेंगे। - प्रदीप सिंह, सीओ सिटी

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