UP: कर्नल सोफिया के ननिहाल में खुशी का माहौल, मामी बोली- बेटी बार्डर संभाल रही है, बचपन से था बंदूक का शौक
Kanpur News: ममेरे भाई एजाज और शहजाद ने बताया कि टीवी पर सोफिया को ऑपरेशन सिंदूर की कमान संभालते देखा तो बहुत खुशी हुई। बहन की बहादुरी देखकर गर्व महसूस हो रहा है।
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कानपुर में घाटमपुर क्षेत्र के यमुना से सटे लहुरीमऊ गांव में कर्नल सोफिया का ननिहाल है। ऑपरेशन सिंदूर की कमान संभालने को लेकर गांव में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि कर्नल सोफिया ने न सिर्फ देश का नाम रोशन किया है, बल्कि लोगों को संदेश दिया है कि बेटियां भी बेटों से कम नहीं है।
उन्होंने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही। बता दें कि घाटमपुर तहसील के लहुरीमऊ गांव में कर्नल सोफिया का ननिहाल है। उनकी मामी आयशा बेगम ने बताया कि कर्नल सोफिया बचपन से फौज में भर्ती होना चाहती थी। उनका शौक था, कि वह सीमा पर जाकर देश की रक्षा करें।
बचपन में ही सेना में जाने का देखा था सपना
मामी आयशा बेगम ने बताया कि उनकी ननद हलीमा की जुड़वां बेटियां सोफिया और सायना हैं। सोफिया बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल और आत्मविश्वासी सोफिया ने बचपन में ही सेना में जाने का सपना देखा था। सोफिया की मां हलीमा की शादी मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के नौगवां में हुई थी। पिता ताज मोहम्मद भी सेना में कार्यरत थे।
मुस्लिम समाज का सिर ऊंचा कर दिया
ममेरे भाई एजाज और शहजाद ने बताया कि टीवी पर सोफिया को ऑपरेशन सिंदूर की कमान संभालते देखा तो बहुत खुशी हुई। बहन की बहादुरी देखकर गर्व महसूस हो रहा है। हमें उस पर फख्र है। सोफिया ने न सिर्फ देश, बल्कि पूरे महिला समाज और मुस्लिम समाज का सिर ऊंचा कर दिया है। उन्होंने कहा- बार बार एयर स्ट्राइक करने की बजाय एक बार में ही पूरे पाकिस्तान का सफाया कर देना चाहिए।