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Kanpur News: जिले में तीन लाख से अधिक किसान, केवल 22530 के पास मृदा स्वास्थ्य कार्ड

Thu, 02 Oct 2025 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Thu, 02 Oct 2025 12:07 AM IST
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There are more than three lakh farmers in the district, but only 22,530 have soil health cards.
मृदा स्वास्थ्य कार्ड।
कानपुर देहात। जिले में तीन लाख से अधिक किसान पंजीकृत हैं। खेतिहर जमीन में जीवांश कार्बन समेत अन्य तत्वों की कमी पायी गई है, मगर केवल 22530 किसानों के पास ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड हैं। इसमें बीते साल के दस हजार मृदा स्वास्थ्य कार्ड शामिल हैं। हालात ये हैं कि अधिकांश किसानों को खेत में कितना और कौन उर्वरक प्रयोग करना है इसकी भी जानकारी नहीं है।
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जून में 15 हजार खेतिहर मिट्टी के नमूने लिए गए थे। कृषि विभाग की प्रयोगशाला में 9700 नमूनों की जांच रिपोर्ट से सामने आया है कि आर्गेनिक (जीवांश) कार्बन, नाइट्रोजन व आयरन की कमी है। मिट्टी में जिंक, बोराॅन व मैगनीज भी कम पाया गया है। दस ब्लॉकों में करीब तीन लाख से अधिक किसान पंजीकृत हैं, मगर मृदा स्वास्थ्य कार्ड केवल 22530 किसानों का ही बना है। इससे खेत की मिट्टी को किस उर्वरक या सूक्ष्म तत्व की जरूरत है। इसकी बिना जानकारी के ही किसान अंदाजे से उर्वरक का प्रयोग कर रहे हैं।
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जानकारों का कहना है कि रासायनिक उर्वरक व कीटनाशक के अधिक प्रयोग से मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी हो रही है। जीवांश कार्बन का स्तर बेहद कम हो गया है। इसकी वजह से अन्य पोषक व सूक्ष्म तत्वों की भी कमी हो रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि जैविक व प्राकृतिक खेती अपनाकर मिट्टी में जीवांश कार्बन संतुलित किया जा सकता है। जैविक खेती में उर्वरक के बजाय गोबर, केंचुआ खाद, हरी खाद में ढैंचा, उर्द व मूंग अहम है।
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.................................वर्जन...
शासन से तय लक्ष्य के अनुसार मिट्टी के नमूने संकलित कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए जाते हैं। पिछले साल दस हजार मृदा स्वास्थ्य कार्ड का लक्ष्य मिला था। इस साल खरीफ सीजन में 12500 मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाए गए हैं। खेतिहर मिट्टी की जांच स्वैच्छिक है। किसान खुद भी नमूना लाकर प्रयोगशाला में जांच कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड ले सकते हैं। इससे मिट्टी की जरूरत के अनुसार उर्वरक या अन्य पोषक तत्व प्रयोग की सही जानकारी मिलती है। - हरिशंकर भार्गव, उपनिदेशक कृषि

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प्रयोगशाला में मृदा परीक्षण ब्योरे पर एक नजर

खरीफ सीजन में प्रयोगशाला में प्राप्त मृदा नमूने - 15200
पोर्टल पर फीड नमूनों की जांच रिपोर्ट - 9700

पोर्टल से डाउनलोड मृदा स्वास्थ्य कार्ड- 12500
किसानों को दिए गए मृदा स्वास्थ्य कार्ड-12000

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इंसेट-

मृदा कार्ड में दर्ज होता है यह ब्योरा
मृदा स्वास्थ्य कार्ड में खेतिहर मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की जानकारी होती है। प्रयोगशाला में मिट्टी का नमूना 12 पैरामीटर पर जांचा जाता है। इसमें पोषक तत्वों की कमी के अनुसार बोई फसलों के लिए जरूरी पोषक तत्व, जैविक खाद या फिर उर्वरक के प्रयोग की सटीक मात्रा भी बताई जाती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की जरूरत का भी ब्योरा दिया जाता है।
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