{"_id":"69c19a9e4673750db004404e","slug":"the-weather-has-changed-with-farmers-worried-about-the-possibility-of-drizzle-kanpur-news-c-220-1-akb1002-140176-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: मौसम का मिजाज बदला, बूंदाबांदी की संभावना से किसान चिंतित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: मौसम का मिजाज बदला, बूंदाबांदी की संभावना से किसान चिंतित
Tue, 24 Mar 2026 01:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:25 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात/सरवनखेड़ा। मार्च में दिन का तापमान बढ़ने का असर अब बदले मौसम के तौर पर सामने आ रहा है। एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदल गया है। सोमवार शाम को बादल छा गए और तेज गति से हवा चलने लगी। मौसम वैज्ञानिकों ने बूंदाबांदी की संभावना जताई है। इससे किसान चिंतित हैं।
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बीते 20 मार्च को मौसम बिगड़ गया था। तेज हवाएं चलने के साथ जिले में 1.5 मिमी बारिश हुई थी। इससे गेहूं, जौ व सरसों की फसल को नुकसान की बात किसानों ने कही है। इधर फसल नम होने से कटाई व मड़ाई रुक गई। दो दिन मौसम खुलने से सरसों की मड़ाई शुरू कराई गई थी। इधर सोमवार शाम को मौसम का मिजाज फिर से बिगड़ गया। घने बादल देखकर किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। आसमान में बदली छाई रहने से आम की बौर को भी नुकसान होने की बात कही जा रही है।
भदेसा गांव के पप्पू पांडेय ने बताया कि गेहूं, जौ की फसल पकी खड़ी है। इधर सरसों की कटी फसल खेत में है। मौसम का मिजाज खराब होने व वातावरण में नमी की वजह से मड़ाई प्रभावित हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने बूंदाबांदी की संभावना जताई है। तेज हवाएं चलने से फसल गिरने से नुकसान की आशंका है। सेरुवा गांव निवासी विनय तिवारी ने बताया कि चने की फसल लगभग तैयार है। वहीं मटर की फसल मड़ाई के लिए खलिहान में पड़ी है। अब बारिश होने पर फसल बर्बाद हो जाएगी।
विज्ञापन
अकबरपुर के कमलेश कुमार ने बताया कि तीन दिन पहले हुए हल्की बारिश से कटाई-मड़ाई प्रभावित हुई है। अब फिर से मौसम खराब हो रहा है तो चिंता बढ़ गई है। सीएसए के कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी डॉ. अजय मिश्रा ने बताया कि आगामी पांच दिनों में आसमान में बादल छाए रहेंगे। 26-27 मार्च को तेज गति हवाएं चलने व बूंदाबांदी की संभावना है।
...........................
वर्जन................
खेत में अभी सरसों की कटी फसल पड़ी है। मड़ाई में किसान लगे हैं। गेहूं व जौ की कटाई भी कई जगह शुरू हो गई है। फिलहाल बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। इससे फसलों को नुकसान नहीं होगा। मौसम के अनुसार किसान गतिविधि करें। सरसों की फसल भीगने से बचाने के लिए ढकने का इंतजाम कर लें। - डॉ. खलील खान, कृषि वैज्ञानिक
विज्ञापन
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बीते 20 मार्च को मौसम बिगड़ गया था। तेज हवाएं चलने के साथ जिले में 1.5 मिमी बारिश हुई थी। इससे गेहूं, जौ व सरसों की फसल को नुकसान की बात किसानों ने कही है। इधर फसल नम होने से कटाई व मड़ाई रुक गई। दो दिन मौसम खुलने से सरसों की मड़ाई शुरू कराई गई थी। इधर सोमवार शाम को मौसम का मिजाज फिर से बिगड़ गया। घने बादल देखकर किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। आसमान में बदली छाई रहने से आम की बौर को भी नुकसान होने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
भदेसा गांव के पप्पू पांडेय ने बताया कि गेहूं, जौ की फसल पकी खड़ी है। इधर सरसों की कटी फसल खेत में है। मौसम का मिजाज खराब होने व वातावरण में नमी की वजह से मड़ाई प्रभावित हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने बूंदाबांदी की संभावना जताई है। तेज हवाएं चलने से फसल गिरने से नुकसान की आशंका है। सेरुवा गांव निवासी विनय तिवारी ने बताया कि चने की फसल लगभग तैयार है। वहीं मटर की फसल मड़ाई के लिए खलिहान में पड़ी है। अब बारिश होने पर फसल बर्बाद हो जाएगी।
विज्ञापन
अकबरपुर के कमलेश कुमार ने बताया कि तीन दिन पहले हुए हल्की बारिश से कटाई-मड़ाई प्रभावित हुई है। अब फिर से मौसम खराब हो रहा है तो चिंता बढ़ गई है। सीएसए के कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी डॉ. अजय मिश्रा ने बताया कि आगामी पांच दिनों में आसमान में बादल छाए रहेंगे। 26-27 मार्च को तेज गति हवाएं चलने व बूंदाबांदी की संभावना है।
...........................
वर्जन................
खेत में अभी सरसों की कटी फसल पड़ी है। मड़ाई में किसान लगे हैं। गेहूं व जौ की कटाई भी कई जगह शुरू हो गई है। फिलहाल बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। इससे फसलों को नुकसान नहीं होगा। मौसम के अनुसार किसान गतिविधि करें। सरसों की फसल भीगने से बचाने के लिए ढकने का इंतजाम कर लें। - डॉ. खलील खान, कृषि वैज्ञानिक