Ganga River: गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, कई गांव और मोहल्ले बाढ़ की चपेट में, जानें पूरी स्थिति
Flood Update: वहीं, एसडीओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि नगर यह क्षेत्र के छह मोहल्लों की बिजली कटी है, जिससे तकरीबन 20 हजार की आबादी प्रभावित है।
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उन्नाव जिले में शुक्लागंज की ओर गंगा खतरे के निशान पर रविवार शाम चार बजे पहुंच गई है। पूर्वानुमान लगाया जा रहा है कि नगर के पश्चिमी और तटीय क्षेत्र के कई मोहल्ले और गांव में स्थितियां गंभीर हो सकती हैं। हालांकि उन्नाव जिला प्रशासन ने इन क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर रखा है। वहीं, जल प्रलय के बीच लोग जीने को मजबूर हैं।
आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शाम चार बजे खतरे के निशान 113 मीटर पर गंगा पहुंच गई है। बीते 24 घंटे की मानी जाए, तो 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शुक्लागंज के साथ ही जनपद के तटीय क्षेत्र के अन्य कई ग्रामीण इलाके भी बाढ़ की चपेट में है।
शुक्लागंज के 16 मोहल्ले और 10 गांव अब तक बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। लोग नावों से आवागमन कर रहे हैं। छह मोहल्लों की बिजली काट दी गई है। एसडीएम नम्रता सिंह का कहना है कि मिश्रा कॉलोनी स्थित पहाड़ राहत चौकी केंद्र से गंगा के जलस्तर की मॉनिटरिंग की जा रही है।
कई स्थानों पर बनाए गए हैं बाढ़ राहत शिविर
साथ ही, तटीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है। मोहल्ला गोताखोर और राजधानी मार्ग के इंटर कॉलेज में बाढ़ राहत शिविर बनाया गया है। पश्चिम क्षेत्र के मोहल्ला कर्बला गोताखोर, हुसैन नगर, शाही नगर, मिश्रा कॉलोनी, कटरी चंपापूर्वा, कटरी तेजी पूर्व नेतूआ गांव समेत अन्य कई स्थानों पर जलभराव हो गया है।
हजारों की आबादी हो रही है प्रभावित
एसडीओ मगरवारा राजकुमार ने बताया कि जाजमऊ के त्रिभुवन खेड़ा गांव स्थित सब स्टेशन से चार गांव की बिजली काट दी गई है। इससे करीब 10,000 की आबादी प्रभावित है। वहीं, एसडीओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि नगर यह क्षेत्र के छह मोहल्लों की बिजली कटी है, जिससे तकरीबन 20 हजार की आबादी प्रभावित है।