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Kanpur News: युद्ध की मार से प्लास्टिक उद्योग बेहाल, बोतल उत्पादन पर पड़ा है असर

Sun, 29 Mar 2026 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sun, 29 Mar 2026 11:44 PM IST
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The war has devastated the plastic industry, impacting bottle production.
रनियां (कानपुर देहात)। अमेरिका-इस्राइल व ईरान के बीच युद्ध का सबसे अधिक असर प्लास्टिक के दाने पर पड़ा है। प्लास्टिक दाना न मिलने से प्लास्टिक की बोतलों के उत्पादन नहीं हो पा रहा है। कई फैक्टरियों में प्लास्टिक बोतलों का निर्माण बंद होने की कगार पर है।
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उद्यमियों के अनुसार फरवरी से बोतल बनाने वाली एलडी के दाम 70 फीसदी बढ़ गए हैं। वहीं, बोतल पैक करने वाली पन्नी का रेट में भी 80 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। औद्योगिक क्षेत्र रनियां व जैनपुर में करीब 10 बोतलबंद पानी की फैक्टरी संचालित है। फैक्टरी में करीब 100 से अधिक मजदूर काम करने की क्षमता है। एक निजी कंपनी की सुपरवाइजर वर्षा त्रिपाठी ने बताया कि युद्ध को करीब 30 दिन हो चुके है। इन दिनों में फैक्टरी करीब 10 दिन ही चली है। कच्चा माल नहीं होने से श्रमिकों से काम नहीं लिया जा पा रहा है। कई श्रमिक घर भी लौट गए हैं। फैक्टरियां पूरी क्षमता से नहीं चल पा रही है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में अगर ऐसे हालात बने रहे तो अन्य कर्मचारी भी घर भेजना पड़ेगा।
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एक फैक्टरी के मैनेजर राहुल गुप्ता ने बताया कि पूर्व में नागपुर में पानी के प्लांट में मैनेजर थे। होली में घर कानपुर आए थे। रनियां स्थित के निजी कंपनी में मैनेजर की नौकरी मिल गई। इधर युद्ध के कारण प्लास्टिक दाना महंगा हो गया। इसलिए अब फैक्टरी पूरी क्षमता से नहीं चल पा रही है। उद्यमियों के अनुसार बीते 30 दिनों में कानपुर देहात की करीब 10 प्लास्टिक फैक्टरियों में 10 से 15 करोड़ के उत्पादन में कमी आई है।
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फोटो- 23 शशिकांत, उद्यमी।
फोटो-24 आशीष गुप्ता, उद्यमी।
युद्ध थमेगा तभी पटरी पर लौटेगा कारोबार
युद्ध थमेगा तभी हालात सुधरेंगे। मौजूदा स्थिति में प्लास्टिक बोतल बंद पानी कारोबार को नुकसान हो रहा है। 28 फरवरी को कच्चे माल की कीमत जीएसटी सहित 122 रुपये प्रति किलो थी। अब वही कच्चा माल करीब 190 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। कच्चे माल के दाम बढ़ने पर प्लास्टिक बंद बोतल पानी की कीमत 15 रुपये से 20 रुपये प्रति पेटी महंगी हो गई है। इससे रिटेलरों को इसे बेचने में दिक्कत हो रही है। फरवरी अंत से अब तक फैक्टरी में उत्पादन 20 फीसदी ही रहा है। - शशिकांत, उद्यमी

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ईरान युद्ध के चलते बोतलबंद पानी की कीमत में 11 फीसदी की वृद्धि हुई है। प्लास्टिक की बोतलों और ढक्कनों के दाम बढ़ गए है। प्लास्टिक की बोतलों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की लागत 50 फीसदी बढ़कर 170 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। ढक्कनों की कीमत दोगुनी से भी अधिक बढ़कर गई है। - आशीष गुप्ता, उद्यमी
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