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Kanpur News: घूसखोर पंडत के ट्रेलर पर विवि कुलपति व ब्राह्मण संगठनों ने जताया तीखा विरोध
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कानपुर। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित फिल्म घूसखोर पंडत के ट्रेलर को लेकर चल रहे विरोध का असर महानगर में भी दिखने लगा है। ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया सहित कई संगठनों के साथ छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने भी इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
प्रो. पाठक का कहना है कि इस प्रकार की सामग्री, जिसमें किसी विशिष्ट समाज को नकारात्मक संकेतों के साथ प्रस्तुत किया जाता है, सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक सम्मान की भावना के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि ब्राह्मण समाज सहित देश के प्रत्येक वर्ग ने ज्ञान परंपरा, शिक्षा, आध्यात्मिक चिंतन, सामाजिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया है। किसी भी समाज को सीमित दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना या उसे एक विशेष छवि तक सीमित कर देना व्यापक सामाजिक यथार्थ के साथ न्याय नहीं करता। पूर्व में भी ओटीटी मंचों पर प्रसारित कुछ सामग्री को लेकर अश्लीलता तथा धार्मिक असंवेदनशीलता के विषय में व्यापक चिंता व्यक्त की गई है। यह प्रवृत्ति समाज में अनावश्यक तनाव और वैचारिक विभाजन को जन्म दे सकती है।
वहीं ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया की प्रदेश इकाई की बैठक शुक्रवार को महानगर स्थित प्रदेश मुख्यालय में हुई। इसमें कहा गया कि फिल्म का नाम ब्राह्मण समाज को लक्षित कर अपमानित करने, जातीय भावना को आहत कर समाज में वैमनस्यता फैलाने की नीयत से रखा गया है। पदाधिकारियों ने कहा कि इसके नाम, संवादों और प्रचार सामग्री को लेकर ब्राह्मण समाज आफ इंडिया तीखा विरोध करती है। आवश्यकता पड़ने पर विरोध प्रदर्शन भी करेगी और फिल्म निर्माता, निर्देशक व मुख्य नायक पर विधिक कार्यवाही भी करेगी। बैठक में संरक्षक पं केए दुबे पद्मेश, प्रदेश अध्यक्ष पं एसके पालीवाल, राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी पं दिनेश दुबे, राष्ट्रीय सचिव वीएस त्रिपाठी, पं राकेश ओझा, पं हरी त्रिपाठी सहित सभी पदाधिकारी मौजूद रहे ।
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प्रो. पाठक का कहना है कि इस प्रकार की सामग्री, जिसमें किसी विशिष्ट समाज को नकारात्मक संकेतों के साथ प्रस्तुत किया जाता है, सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक सम्मान की भावना के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि ब्राह्मण समाज सहित देश के प्रत्येक वर्ग ने ज्ञान परंपरा, शिक्षा, आध्यात्मिक चिंतन, सामाजिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया है। किसी भी समाज को सीमित दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना या उसे एक विशेष छवि तक सीमित कर देना व्यापक सामाजिक यथार्थ के साथ न्याय नहीं करता। पूर्व में भी ओटीटी मंचों पर प्रसारित कुछ सामग्री को लेकर अश्लीलता तथा धार्मिक असंवेदनशीलता के विषय में व्यापक चिंता व्यक्त की गई है। यह प्रवृत्ति समाज में अनावश्यक तनाव और वैचारिक विभाजन को जन्म दे सकती है।
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वहीं ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया की प्रदेश इकाई की बैठक शुक्रवार को महानगर स्थित प्रदेश मुख्यालय में हुई। इसमें कहा गया कि फिल्म का नाम ब्राह्मण समाज को लक्षित कर अपमानित करने, जातीय भावना को आहत कर समाज में वैमनस्यता फैलाने की नीयत से रखा गया है। पदाधिकारियों ने कहा कि इसके नाम, संवादों और प्रचार सामग्री को लेकर ब्राह्मण समाज आफ इंडिया तीखा विरोध करती है। आवश्यकता पड़ने पर विरोध प्रदर्शन भी करेगी और फिल्म निर्माता, निर्देशक व मुख्य नायक पर विधिक कार्यवाही भी करेगी। बैठक में संरक्षक पं केए दुबे पद्मेश, प्रदेश अध्यक्ष पं एसके पालीवाल, राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी पं दिनेश दुबे, राष्ट्रीय सचिव वीएस त्रिपाठी, पं राकेश ओझा, पं हरी त्रिपाठी सहित सभी पदाधिकारी मौजूद रहे ।
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