{"_id":"6a2f1572c3de32cfea0ffde3","slug":"the-team-that-arrived-in-wajidpur-conducted-an-inspection-and-collected-five-water-samples-kanpur-news-c-12-1-knp1063-1556720-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: वाजिदपुर पहुंची टीम ने की जांच, पानी के पांच नमूने लिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: वाजिदपुर पहुंची टीम ने की जांच, पानी के पांच नमूने लिए
विज्ञापन
कानपुर। वाजिदपुर में गंगा नदी में हजारों मछलियों के मरने के मामले में रविवार को टीम ने जांच की। तीन घंटे तक चली जांच-पड़ताल के दौरान पांच अलग-अलग स्थानों से पानी के नमूने लिए।
13 जून को वाजिदपुर में गंगा में हजारों मछलियां मृत मिली थीं। रविवार को यह मामला प्रकाशित होने पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने एसडीएम अनुभव सिंह के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की। इसमें जलकल विभाग जोन-दो के जोनल अभियंता रामेंद्र पांडेय, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेआरएफ सौरभ, सहायक अभियंता कौशल कुमार, मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक जितेंद्र कुमार, जटेटा के सचिव रिजवान नादरी, जल निगम (नगरीय) के सहायक अभियंता आशीष कुमार, जल निगम (ग्रामीण) के अवर अभियंता विपिन को शामिल किया गया है। टीम ने दोपहर 1:00 बजे जाजमऊ में गंगा पुल के पास पानी के नमूने लिए। इसके बाद बुढ़ियाघाट स्थित सीवेज पंपिंग स्टेशन (एसपीएस) पहुंची। वहां दो छोटे नाले गंगा में गिरते नजर आए। एसडीएम ने इन दोनों नालों को टैप कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पानी के नमूने लिए। वहां से टीम बुढ़ियाघाट टेनरी पंपिंग स्टेशन पहुंची। उसके पास एक नाला नजर आया। जल निगम के अभियंता ने इसे बरसाती नाला बताया। एसडीएम ने इस नाले को पंपिंग स्टेशन से दूर बनाने के निर्देश दिए। यहां भी पीसीबी ने पानी के नमूने लिए। वहां से टीम वाजिदपुर स्थित पंपिंग स्टेशन-तीन में पहुंची और पानी के नमूने लिए। इसके बाद टीम ने वाजिदपुर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में स्थित सीवेज पंपिंग स्टेशन और 130 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज शोधन प्लांट से पानी के नमूने लिए गए।
जल निगम (ग्रामीण) के अवर अभियंता विपिन ने बताया कि 13 जून को सुबह बरसात में ज्यादा पानी आने और ओवरफ्लो होने की वजह से सीवेज पंपिंग स्टेशन के बाईपास गेट खोल दिए गए थे जिससे गंगा में पानी गया था। यूपी पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत सुमन के अनुसार, पानी में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा में भारी कमी आने से मछलियां मरी हैं।
विज्ञापन
कोट
जाजमऊ से वाजिदपुर तक पांच स्थानों में पानी के नमूने लिए गए हैं। यूपी पीसीबी से गंगा में गिर रहे नालों की रिपोर्ट मांगी है। - अनुभव सिंह, एसडीएम
इनसेट
महंत ने लगाया धमकाने का आरोप
वाजिदपुर में बालू घाट स्थित जंगलेश्वर बाबा हनुमान मंदिर के महंत दिगंबर अजब आनंद ने बताया कि उन्होंने टेनरियों का जहरीला पानी गंगा में बहाए जाने और मछलियां मरने की शिकायत की थी। इसी वजह से रविवार को कुछ युवकों ने मंदिर के गेट पर आकर धमकियां दीं। आरोप लगाया कि युवकों को टेनरी संचालकों ने भेजा था।
विज्ञापन
13 जून को वाजिदपुर में गंगा में हजारों मछलियां मृत मिली थीं। रविवार को यह मामला प्रकाशित होने पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने एसडीएम अनुभव सिंह के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की। इसमें जलकल विभाग जोन-दो के जोनल अभियंता रामेंद्र पांडेय, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेआरएफ सौरभ, सहायक अभियंता कौशल कुमार, मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक जितेंद्र कुमार, जटेटा के सचिव रिजवान नादरी, जल निगम (नगरीय) के सहायक अभियंता आशीष कुमार, जल निगम (ग्रामीण) के अवर अभियंता विपिन को शामिल किया गया है। टीम ने दोपहर 1:00 बजे जाजमऊ में गंगा पुल के पास पानी के नमूने लिए। इसके बाद बुढ़ियाघाट स्थित सीवेज पंपिंग स्टेशन (एसपीएस) पहुंची। वहां दो छोटे नाले गंगा में गिरते नजर आए। एसडीएम ने इन दोनों नालों को टैप कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पानी के नमूने लिए। वहां से टीम बुढ़ियाघाट टेनरी पंपिंग स्टेशन पहुंची। उसके पास एक नाला नजर आया। जल निगम के अभियंता ने इसे बरसाती नाला बताया। एसडीएम ने इस नाले को पंपिंग स्टेशन से दूर बनाने के निर्देश दिए। यहां भी पीसीबी ने पानी के नमूने लिए। वहां से टीम वाजिदपुर स्थित पंपिंग स्टेशन-तीन में पहुंची और पानी के नमूने लिए। इसके बाद टीम ने वाजिदपुर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में स्थित सीवेज पंपिंग स्टेशन और 130 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज शोधन प्लांट से पानी के नमूने लिए गए।
विज्ञापन
जल निगम (ग्रामीण) के अवर अभियंता विपिन ने बताया कि 13 जून को सुबह बरसात में ज्यादा पानी आने और ओवरफ्लो होने की वजह से सीवेज पंपिंग स्टेशन के बाईपास गेट खोल दिए गए थे जिससे गंगा में पानी गया था। यूपी पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत सुमन के अनुसार, पानी में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा में भारी कमी आने से मछलियां मरी हैं।
विज्ञापन
कोट
जाजमऊ से वाजिदपुर तक पांच स्थानों में पानी के नमूने लिए गए हैं। यूपी पीसीबी से गंगा में गिर रहे नालों की रिपोर्ट मांगी है। - अनुभव सिंह, एसडीएम
इनसेट
महंत ने लगाया धमकाने का आरोप
वाजिदपुर में बालू घाट स्थित जंगलेश्वर बाबा हनुमान मंदिर के महंत दिगंबर अजब आनंद ने बताया कि उन्होंने टेनरियों का जहरीला पानी गंगा में बहाए जाने और मछलियां मरने की शिकायत की थी। इसी वजह से रविवार को कुछ युवकों ने मंदिर के गेट पर आकर धमकियां दीं। आरोप लगाया कि युवकों को टेनरी संचालकों ने भेजा था।