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आईआईटी में पहुंची जांच दल, बवालियाें पर शिकंजा कसने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
Updated Sat, 27 Aug 2016 12:58 PM IST
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मैटेरियल साइंस के रिसर्च स्कॉलर (पीएचडी) आलोक कुमार पांडेय की मौत के बाद आईआईटीयंस के आंदोलन की जांच शुरू हो गई है। शुक्रवार को प्रो. केएल चोपड़ा की अध्यक्षता वाली कमेटी ने तमाम शिक्षक, सुरक्षा कर्मचारी, स्टूडेेंट और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। वीडियो फुटेज की जांच की। यह कमेटी रविवार तक रहेगी।
आठ अगस्त को रिसर्च स्कॉलर आलोक कुमार पांडेय की मौत के बाद आईआईटीयंस ने पहले स्वास्थ्य केंद्र का घेराव किया। पठन-पाठन का काम ठप कर निदेशक और उप निदेशक सहित तमाम अधिकारियों को घंटों बंधक बनाए रखा था। इस मामले की जांच शुरू हो गई है। इसकी सूचना भी सभी स्टूडेंट, शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारियों को ई-मेल से भेजी गई है। सबसे कहा गया है कि कमेटी के समक्ष उपस्थित होकर बयान दर्ज कराए जा सकते हैं। जांच कमेटी के सदस्य रविवार तक रहेंगे। इस दौरान कोई भी अपना पक्ष रख सकता है। रजिस्ट्रार (प्रोफेसर इंचार्ज) प्रो. सुधीर मिश्रा ने बताया कि 8, 9 और 10 अगस्त को हुए आंदोलन के वीडियो फुटेज सुरक्षा अधिकारियों से मांगे गए हैं। यह जांच स्टूडेंटों के आंदोलन और उसके पीछे की साजिश के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए की जा रही है।
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आठ अगस्त को रिसर्च स्कॉलर आलोक कुमार पांडेय की मौत के बाद आईआईटीयंस ने पहले स्वास्थ्य केंद्र का घेराव किया। पठन-पाठन का काम ठप कर निदेशक और उप निदेशक सहित तमाम अधिकारियों को घंटों बंधक बनाए रखा था। इस मामले की जांच शुरू हो गई है। इसकी सूचना भी सभी स्टूडेंट, शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारियों को ई-मेल से भेजी गई है। सबसे कहा गया है कि कमेटी के समक्ष उपस्थित होकर बयान दर्ज कराए जा सकते हैं। जांच कमेटी के सदस्य रविवार तक रहेंगे। इस दौरान कोई भी अपना पक्ष रख सकता है। रजिस्ट्रार (प्रोफेसर इंचार्ज) प्रो. सुधीर मिश्रा ने बताया कि 8, 9 और 10 अगस्त को हुए आंदोलन के वीडियो फुटेज सुरक्षा अधिकारियों से मांगे गए हैं। यह जांच स्टूडेंटों के आंदोलन और उसके पीछे की साजिश के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए की जा रही है।
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