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लैप्रोस्कोपिक विधि से सर्जरी आसान
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Mon, 08 Feb 2016 01:46 AM IST
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हमें मरीजों के हित के बारे में ज्यादा से ज्यादा सोचना चाहिए। डॉक्टर लैप्रोस्कोपिक विधि की ट्रेनिंग लें और ज्यादा से ज्यादा ऑपरेशन करें।
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यह कहना है सर गंगाराम हॉस्पिटल नई दिल्ली के वरिष्ठ लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. प्रवीन भाटिया का। वह रविवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग की ओर से लगे हार्निया कैंप में लैप्रोस्कोपिक विधि से ऑपरेशन करने आए थे।
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हैलट इमरजेंसी के ऑपरेशन थियेटर में हुई सर्जरी का सजीव प्रसारण कॉलेज आडिटोरियम में हुआ। सर गंगाराम हॉस्पिटल के डॉ. मुकुंद खेतान, फोर्टिस हॉस्पिटल गुड़गांव के डॉ. एके कृपलानी ने भी ऑपरेशन किए।
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झांसी के डॉ. राजीव सिन्हा, लखनऊ के डॉ. योगेश मिश्रा, डॉ. शिवाकांत मिश्रा ने कहा, लैप्रोस्कोपिक से सर्जरी के बाद मरीज जल्द ठीक होता है। इस दौरान आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. जीडी यादव, डॉ. संजय काला, डॉ. आरके मौर्या, डॉ. आरके त्रिपाठी, डॉ. मनीष सिंह, डॉ. राघवेंद्र गुप्ता, डॉ. प्रेमशंकर आदि मौजूद रहे।
नई तकनीक से सस्ता इलाज करें
रविवार सुबह महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) डॉ. वीएन त्रिपाठी ने जीएसवीएम सर्जरी अपडेट 2016 (लाइव लैप्रोस्कोपिक हार्निया) का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर लगातार अपडेट हों, नई तकनीक का इस्तेमाल करें और मरीजों को कम से कम खर्च में इलाज दें। डॉक्टर पूरे जीवन सीखता रहता है इसलिए सीखने से नहीं घबराना चाहिए। प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने आयोजन की तारीफ की।