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पढ़ाई समझ में नहीं आई, जान दे रही हूं

Tue, 12 Jul 2016 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 12 Jul 2016 01:28 AM IST
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The studies did not understand, die am
िशल्पी मनुअाल (फाइल फोटो)। - फोटो : amarujala
मूलरूप से बिंदिकी (फतेहपुर) में रहने वाले अखिलेश पटेल की एक्सप्रेस रोड पर इलेक्ट्रॉनिक प्रोडेक्ट्स की शॉप है। ग्राउंड फ्लोर पर दुकान और पहली मंजिल पर रहते हैं। परिवार बिंदिकी में ही रहता है, बड़ी बेटी रिया पटेल (20) साथ में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। रविवार को अखिलेश घर गए थे। सोमवार सुबह 11 बजे लौटकर आए तो काफी खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। सीढ़ी लगाकर अंदर झांका तो बेटी का शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटकता दिखाई दिया। सूचना पर हरबंशमोहाल और फीलखाना पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव निकाला। फोरेंसिक टीम मौके से साक्ष्य जुटाए लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। मामले की जानकारी मिलते ही मां संगीता भी पहुंची। पिता ने बताया कि तीन साल से मेडिकल की तैयारी कर रही थी। सफलता न मिलने पर तनाव के चलते कदम उठाया है।
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तनाव में थी छात्रा
छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसे मेडिकल तैयारी की पढ़ाई समझ नहीं आ रही है। इसलिए वह आत्महत्या कर रही है। सुसाइड नोट से लग रहा था कि उसे जबरन पढ़ाई करनी पड़ रही है। इसलिए उसने आहत होकर आत्महत्या करने जैसा कदम उठाना पड़ा।
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डेंटल कालेज की छात्रा फंदे पर झूली
कानपुर। शहर के एक डेंटल कॉलेज से एमडीएस कर रही छात्रा ने रविवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह नौकरानी आई तो कमरे में फंदे से शव लटकता देखा। मौके पर पहुंची कल्याणपुर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर छात्रा का शव उतारा। छात्रा के कमरे से लैपटॉप और चार मोबाइल मिले हैं। पुलिस को व्हाट्सएप पर कुछ क्लू मिले हैं।
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लखनपुर स्थित एक  कॉलेज में शिल्पी मनुआल (24) मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (एमडीएस) फाइनल ईयर की स्टूडेंट थी। शिल्पी मूलरूप से चौक मोहल्ला कंकरखेड़ा मेरठ कैंट की रहने वाली थी।  पिता अरुण मनुआल मुंबई के भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में डॉक्टर हैं। छात्रा ने दस दिन पहले ही अवधपुरी में व्यापारी अनिल अग्रवाल का एक फ्लोर किराये पर लिया था। सोमवार सुबह नौकरानी रोज की तरह काम करने आई तो दरवाजा भीतर से बंद था। काफी देर तक खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला तो उसने अनिल अग्रवाल को सूचना दी। अनिल ने खिड़की से झांक कर देखा तो शिल्पी का शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटक रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शिल्पी के शव को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 
पुलिस को शिल्पी के कमरे से एक लैपटॉप, चार मोबाइल और कई कागजात मिले। इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने फोन पर छात्रा के पिता को जानकारी दी। इस दौरान संस्थान की एचओडी सहित कई स्टूडेंट भी आए। 

इंस्पेक्टर ने बताया कि छात्रा के मोबाइल में व्हाट्सएप चैटिंग में कई महत्वपूर्ण बातें मिली हैं। फेसबुक पर भी कुछ स्टेटस अपडेट किए गए थे। पूछताछ के लिए कई साथी स्टूडेंटों को बुलाया गया है।
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