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Kanpur News: प्रेसीडेंट गोल्ड मेडलिस्ट को एप्पल में मिली है नौकरी
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कानपुर। आईआईटी के दीक्षांत समारोह में प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल से सम्मानित होने वाले सागर केवी परिवार के पहले आईआईटियन और गोल्ड मेडलिस्ट हैं। उन्होंने 10 सीपीआई के साथ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में टॉप किया है। उन्हें कैंपस प्लेसमेंट में एप्पल कंपनी में नौकरी मिली है। मूलरूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले सागर के पिता विजय कुमार बिजनेसमैन और मां भव्याश्री गृहिणी हैं। उनका कहना है कि संस्थान में शुरुआत का सफर मुश्किल भरा था। दूसरे प्रदेश से आकर यहां के माहौल में ढलना, खाने पीने के साथ सामंजस्य बिठाना कठिन था, लेकिन यहां के लोग अच्छे होने से सब कुछ ठीक ठाक हो गया। उनके मुताबिक पढ़ाई में काफी उतार चढ़ाव आते हैं, ऐसे समय के लिए सपोर्ट सिस्टम जरूरी है। फिर चाहे वह आपके अभिभावक हो या फिर दोस्त या शिक्षक। यह लोग आपको मुश्किल समय में प्रोत्साहित करते हैं।
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स्विट्जरलैंड से पीएचडी करेंगे आदित्य
स्टैटिक्स एंड डेटा साइंस विभाग में 9.5 सीपीआई के साथ चार वर्षीय पाठ्यक्रम में डायरेक्टर गोल्ड मेडल पाने वाले आदित्य वी का सपना अब स्विट्जरलैंड की ईटीएच यूनिवर्सिटी से मास्टर्स करेंगे। मूलरूप से बंगलूरू निवासी आदित्य मेडिकल के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से स्टार्टअप करना चाहते हैं। पिता वेंकेटेश्वर साॅफ्टवेयर कंपनी में वाइस प्रेसीडेंट और मां ज्योति कृष्णा समाज सेविका हैं। बहन आईआईटी हैदराबाद से पढ़ाई कर रही है। उन्होंने कहा कि अच्छे दोस्त हों तो जीवन की हर परेशानी दूर हो जाती है। संस्थान में चार साल में कई अच्छे दोस्त बनें, जिन्होंने मानसिक मजबूती दी।
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रिसर्च के क्षेत्र में जाना चाहती हैं राधिका
प्रो. एचसी वर्मा को गुरु मानने वालीं फिजिक्स विभाग की छात्रा राधिका प्रसाद रिसर्च के क्षेत्र में जाना चाहती हैं। दीक्षांत समारोह में उनको डॉ. शंकर दयाल शर्मा अवार्ड मिला है। वह कहती हैं कि संस्थान में दाखिला लेने की बड़ी वजह प्रो. एचसी वर्मा भी रहे। उनकी किताबों को पढ़ा है, यहां आकर उनके संस्थान में पढ़ना, शिक्षा सोपान में मिलना गौरवपूर्ण रहा। पिता प्रो. राजेश प्रसाद आईआईटी दिल्ली में मैटेरियल साइंस विभाग में प्रोफेसर हैं। मां डॉ. रचना प्रसाद ने आईआईटी दिल्ली से साइंस में पीएचडी की है। कहती हैं अभिभावकों का कोई दबाव नहीं था, लेकिन स्वयं ही तनाव लेती थी। जब आप स्वयं तनाव लेते हो तो इससे उबरना मुश्किल हो जाता है। किताबों को पढ़ने की शौकीन राधिका के पास लेजर बनाने वाली कंपनी में जॉब का ऑफर है। हालांकि उनका मन पोस्ट डॉक्टरेट करने का भी है। उसके बाद पिता की तरह टीचिंग लाइन में आना चाहती हैं।
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पीएचडी से पहले रित्विक करेंगे नौकरी
पांच वर्षीय पाठ्यक्रम में डायरेक्टर गोल्ड मेडल पाने वाले रित्विक शंकर का चयन लैट एयरोस्पेस कंपनी गुरुग्राम में हुआ है। उनके साॅफ्टवेयर इंजीनियर पिता शिवशंकर का पिछले साल निधन हो गया। मां नीतू सिंह गृहिणी हैं। कहते हैं कि संस्थान में मानसिक मजबूती के लिए आपको सकारात्मक लोगों का चयन करना होगा जो आपको प्रोत्साहित करें। उनका विचार आगे चलकर पीएचडी करने का है। कुछ समय नौकरी के बाद वह पीएचडी की ओर आगे बढ़ेंगे।
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पढ़ाई के साथ टीटी में मास्टर हैं ध्रुव
एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के ध्रुव बुद्धदेव को रतन स्वरूप मेमोरियल पुरस्कार मिला है। यह पुरस्कार ऑलराउंड बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को दिया जाता है। उन्हें 9.4 सीपीआई के साथ इंटर आईआईटी में टीटी में सिल्वर पदक मिला है। उनका कैंपस प्लेसमेंट लैंडरोवर कंपनी में हुआ है। ध्रुव मूलरूप से गुजरात के बड़ौदा के रहने वाले हैं। पिता हितेश बुद्धदेव व्यवसायी और मां श्रद्धा बड़ौदा के एमएसयू कॉलेज में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर हैं।
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स्विट्जरलैंड से पीएचडी करेंगे आदित्य
स्टैटिक्स एंड डेटा साइंस विभाग में 9.5 सीपीआई के साथ चार वर्षीय पाठ्यक्रम में डायरेक्टर गोल्ड मेडल पाने वाले आदित्य वी का सपना अब स्विट्जरलैंड की ईटीएच यूनिवर्सिटी से मास्टर्स करेंगे। मूलरूप से बंगलूरू निवासी आदित्य मेडिकल के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से स्टार्टअप करना चाहते हैं। पिता वेंकेटेश्वर साॅफ्टवेयर कंपनी में वाइस प्रेसीडेंट और मां ज्योति कृष्णा समाज सेविका हैं। बहन आईआईटी हैदराबाद से पढ़ाई कर रही है। उन्होंने कहा कि अच्छे दोस्त हों तो जीवन की हर परेशानी दूर हो जाती है। संस्थान में चार साल में कई अच्छे दोस्त बनें, जिन्होंने मानसिक मजबूती दी।
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रिसर्च के क्षेत्र में जाना चाहती हैं राधिका
प्रो. एचसी वर्मा को गुरु मानने वालीं फिजिक्स विभाग की छात्रा राधिका प्रसाद रिसर्च के क्षेत्र में जाना चाहती हैं। दीक्षांत समारोह में उनको डॉ. शंकर दयाल शर्मा अवार्ड मिला है। वह कहती हैं कि संस्थान में दाखिला लेने की बड़ी वजह प्रो. एचसी वर्मा भी रहे। उनकी किताबों को पढ़ा है, यहां आकर उनके संस्थान में पढ़ना, शिक्षा सोपान में मिलना गौरवपूर्ण रहा। पिता प्रो. राजेश प्रसाद आईआईटी दिल्ली में मैटेरियल साइंस विभाग में प्रोफेसर हैं। मां डॉ. रचना प्रसाद ने आईआईटी दिल्ली से साइंस में पीएचडी की है। कहती हैं अभिभावकों का कोई दबाव नहीं था, लेकिन स्वयं ही तनाव लेती थी। जब आप स्वयं तनाव लेते हो तो इससे उबरना मुश्किल हो जाता है। किताबों को पढ़ने की शौकीन राधिका के पास लेजर बनाने वाली कंपनी में जॉब का ऑफर है। हालांकि उनका मन पोस्ट डॉक्टरेट करने का भी है। उसके बाद पिता की तरह टीचिंग लाइन में आना चाहती हैं।
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पीएचडी से पहले रित्विक करेंगे नौकरी
पांच वर्षीय पाठ्यक्रम में डायरेक्टर गोल्ड मेडल पाने वाले रित्विक शंकर का चयन लैट एयरोस्पेस कंपनी गुरुग्राम में हुआ है। उनके साॅफ्टवेयर इंजीनियर पिता शिवशंकर का पिछले साल निधन हो गया। मां नीतू सिंह गृहिणी हैं। कहते हैं कि संस्थान में मानसिक मजबूती के लिए आपको सकारात्मक लोगों का चयन करना होगा जो आपको प्रोत्साहित करें। उनका विचार आगे चलकर पीएचडी करने का है। कुछ समय नौकरी के बाद वह पीएचडी की ओर आगे बढ़ेंगे।
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पढ़ाई के साथ टीटी में मास्टर हैं ध्रुव
एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के ध्रुव बुद्धदेव को रतन स्वरूप मेमोरियल पुरस्कार मिला है। यह पुरस्कार ऑलराउंड बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को दिया जाता है। उन्हें 9.4 सीपीआई के साथ इंटर आईआईटी में टीटी में सिल्वर पदक मिला है। उनका कैंपस प्लेसमेंट लैंडरोवर कंपनी में हुआ है। ध्रुव मूलरूप से गुजरात के बड़ौदा के रहने वाले हैं। पिता हितेश बुद्धदेव व्यवसायी और मां श्रद्धा बड़ौदा के एमएसयू कॉलेज में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर हैं।