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Kanpur News: 56 साल में 17वीं बार जुलाई में आएगा मानसून
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कानपुर। मानसून के आने को लेकर मौसम विभाग का अनुमान है कि कानपुर परिक्षेत्र में यह जुलाई के पहले सप्ताह में आएगा। अगर मानसून परिक्षेत्र में जुलाई में आया तो ऐसा 17वीं बार होगा। इसके पहले 56 साल में 16 बार मानसून जुलाई के महीने में कानपुर परिक्षेत्र में आया है। मानसून के देर से आने की खास वजह निम्न दबाव के क्षेत्र ढंग से न बन पाना रहा। निम्न दबाव बनने से ही मानसून रफ्तार पकड़ आगे बढ़ता है।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि अभी लो प्रेशर ढंग से नहीं बन पा रहा। छोटे-छोटे कमजोर किस्म के लो प्रेशर जोन बनते हैं और बिगड़ जाते हैं। इसका मानसून की गति पर प्रभाव आ रहा है। यही स्थिति रही तो मानसून दो-तीन जुलाई को प्रदेश में प्रवेश कर पाएगा। कानपुर परिक्षेत्र तक पहुंचने में मानसून को एक-दो दिन और लग सकते हैं।
उन्होंने बताया कि अरब सागर की तरफ से आने वाली मानसूनी धारा तो तेज है लेकिन बंगाल की खाड़ी से आने वाली धारा कमजोर पड़ रही है। खाड़ी में लो प्रेशर जोन भी इस बार ढंग से नहीं बन पाया। इससे मानसूनी हवाएं तेजी पकड़ने के कुछ दिन बाद ठिठक जा रही हैं। मौसम विभाग में वर्ष 1971 से अब तक मानसूनी आंकड़ों के मुताबिक, इसके पहले जुलाई के महीने में सबसे जल्दी मानसून वर्ष 1972 में चार जुलाई को आया था। जुलाई में सबसे देर से वर्ष 2002 में 31 जुलाई को कानपुर परिक्षेत्र पहुंचा था।
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि अभी लो प्रेशर ढंग से नहीं बन पा रहा। छोटे-छोटे कमजोर किस्म के लो प्रेशर जोन बनते हैं और बिगड़ जाते हैं। इसका मानसून की गति पर प्रभाव आ रहा है। यही स्थिति रही तो मानसून दो-तीन जुलाई को प्रदेश में प्रवेश कर पाएगा। कानपुर परिक्षेत्र तक पहुंचने में मानसून को एक-दो दिन और लग सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि अरब सागर की तरफ से आने वाली मानसूनी धारा तो तेज है लेकिन बंगाल की खाड़ी से आने वाली धारा कमजोर पड़ रही है। खाड़ी में लो प्रेशर जोन भी इस बार ढंग से नहीं बन पाया। इससे मानसूनी हवाएं तेजी पकड़ने के कुछ दिन बाद ठिठक जा रही हैं। मौसम विभाग में वर्ष 1971 से अब तक मानसूनी आंकड़ों के मुताबिक, इसके पहले जुलाई के महीने में सबसे जल्दी मानसून वर्ष 1972 में चार जुलाई को आया था। जुलाई में सबसे देर से वर्ष 2002 में 31 जुलाई को कानपुर परिक्षेत्र पहुंचा था।
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