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Kanpur News: रंगों में मिठास घोलने के लिए बाजार में सजीं गुझिया

Mon, 02 Mar 2026 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Mon, 02 Mar 2026 12:05 AM IST
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The market for gujiyas is ready to add sweetness to the colors of Holi. Gift packs of these are also available in large quantities.
कानपुर देहात। होली के रंगों में मिठास घोलने के लिए गुझिया का बाजार तैयार है। इनके गिफ्ट पैक भी बाजार में बड़ी मात्रा में उपलब्ध है। इसको लेकर खरीदारी शुरू हो गई है। इसके साथ ही महिलाएं भी होली के लिए घरों में गुझिया के साथ पकवान तैयार करने में जुट गई हैं।
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नगर के सदर बाजार, स्टेट बैंक रोड, माती रोड, ओवरब्रिज के पास सहित रूरा, झींझक, रसूलाबाद, पुखरायां में बाजार गुलजार हैं। मिष्ठान के दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए गुझियों की वैरायटी भी तैयार की हैं। यह 500 रुपये से लेकर 860 रुपये किलो तक बिक रहीं है। इस बार लोगों में गुझिया के अलावा गिफ्ट पैक का भी क्रेज है। इसीलिए गुझिया के साथ ड्राई फ्रूड्स, नमकीन, बिस्कुट, चाकलेट और मिठाई के साथ वाले गिफ्ट पैक मौजूद हैं। पर्व को लेकर रविवार को बाजार गुलजार रहा। बच्चों ने जहां पिचकारी, गुब्बारा, गुलाल, रंग आदि की खरीदारी की। वहीं महिलाओं ने चीनी, रिफाइंड, भूड़ा चीनी आदि खरीदा। भीड़ को देख कारोबारियों में भी खास उत्साह रहा।
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होटल संचालक अमित चौरसिया ने बताया कि रंगो के त्योहार में गुझिया खास मिठाई है। ग्राहकों की विशेष मांग को देखते हुए गुझिया की पैकिंग तैयार की गई है, जो 500 रुपये किलो मिल रही है। इसके अलावा काजू कतली 1000 रुपये, बंगाली मिठाई व पनीर वाली जलेबी 500 रुपये किलो बिक रही है। इसके अलावा दुकानों में बिक्री के लिए ड्राई फ्रूड्स, नमकीन, बिस्कुट, चाकलेट और मिठाई के साथ वाले गिफ्ट पैक मौजूद हैं।
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अकबरपुर के संदीप पाल बताते हैं कि पूर्व में जब संसाधनों का अभाव था तो हाथ से गुझिया तैयार की जाती थी। चीनी और खोवा न मिलने पर गुड़ और सोंठ की गुझिया तैयार की जाती थी। तब बाजार की गुझिया बहुत कम लोग ही खाते थे। हाथ से पापड़ चिप्स तैयार करने के लिए एक महीने पहले से होली की तैयारी शुरू हो जाती थी। मौजूदा समय में हालात बदल चुके हैं। अब हर चीज बाजार में बिकने लगी है। रेडीमेड गुझिया से लेकर अन्य खाद्य सामग्री बाजार में बिक रहे हैं। आज भी सेहत का ख्याल रखते हुए पर्व पर अधिकतर लोग घरों में ही पकवान बनाते हैं।
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