UP: स्पीड पोस्ट सेवा की गति! तीन दिन में सात किमी चली डाक विभाग की चिट्ठी, पिन कोड नंबर तक लिखा था गलत
Kanpur News: प्रवर अधीक्षक डाकघर कानपुर मंडल की मोहर लगे लिफाफे के ऊपर पत्र भेजने वाले ने इंडस्ट्रियल स्टेट का पिन कोड नंबर 208009 डाला था, जो कि गलत था यह पिन कोड अर्मापुर स्टेट का है।
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कानपुर में गजब मामला सामने आया है, जहां डाकघर की स्पीड पोस्ट सेवा की गति देखते ही बनती है। आप को कोई पत्र कम समय में दूर भेजना है, तो डाक घर की स्पीड पोस्ट सेवा के भरोसे न रहें। डाक विभाग खुद अपने विभागीय पत्र को सही समय पर डिलीवर नहीं कर पा रहा है।
बता दें बड़े डाकघर से भेजे गए स्पीड पोस्ट को फजलगंज पहुंचने में तीन दिन लग गए। ये कोई मामूली स्पीड पोस्ट नहीं है इसे शहर के सबसे बड़े डाक अधिकारी (प्रवर अधीक्षक डाक) ने खुद भेजा था। डाक विभाग की ये लापरवाही तब है जब इस स्पीड पोस्ट को महज सात किमी दूर जाना था।
डाक विभाग की ओर से 18 अक्तूबर को जॉगिंग करते हुए कूड़ा उठाने की रैली निकाली गई। फिट इंडिया स्वच्छता फ्रीडम 4.0 के अंतर्गत स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत थीम के साथ निकाली गई इस रैली की विज्ञप्ति उसी दिन (18 अक्तूबर) दोपहर 3:49 बजे बड़ा डाकघर से भेजा गया था।
डाक विभाग नहीं जानता अपने पिन कोड नंबर
प्रवर अधीक्षक डाकघर कानपुर मंडल की मोहर लगे लिफाफे के ऊपर पत्र भेजने वाले ने इंडस्ट्रियल स्टेट का पिन कोड नंबर 208009 डाला था, जो कि गलत था यह पिन कोड अर्मापुर स्टेट का है। काउंटर नंबर छह से बुक हुआ यह स्पीड पोस्ट जब आरके नगर पोस्ट ऑफिस पहुंचा।
सात किमी की दूरी तय करने में तीन दिन लगे
वहां के पोस्टमास्टर ने इस पर लिखा पिन कोड गलत पाया। उन्होंने इस लिफाफे के ऊपर एक मोहर लगा दी। जिस पर लिखा है कि उक्त पते का सही पिन कोड नंबर 208012 है। 21 अक्तूबर शाम को यह पत्र अपने गंतव्य तक पहुंच गया। हालांकि इसे सात किमी की दूरी तय करने में तीन दिन लग गए।