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Kanpur News: अस्पताल प्रबंधन ने रुपये के लिए 10 घंटे नहीं दिया मासूम का शव

Tue, 09 Sep 2025 02:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 09 Sep 2025 02:33 AM IST
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The hospital management did not hand over the body of the innocent child for 10 hours for money
कानपुर। कल्याणपुर के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने ज्यादा पैसे लेने का आरोप लगाया तो अस्पताल प्रबंधन ने शव देने से इन्कार कर दिया। पीड़ित ने परिचित पुलिस कर्मी को फोन किया तो अस्पताल ने करीब 10 घंटे बाद मामला निपटाकर शव परिजनों को सौंपा।
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इटावा के बकेवर थानाक्षेत्र के नौधना निवासी जनवेश की पत्नी खुशबू की दो सितंबर को सिकंदरा के सरकारी अस्पताल में सात माह में डिलीवरी हुई थी। कम समय में डिलीवरी की वजह से नवजात के फेफड़े विकसित नहीं हो पाए थे। इस कारण डाक्टरों ने हैलट रेफर कर दिया था। इस पर परिजन उसे कल्याणपुर के निजी अस्पताल ले गए थे। भर्ती करते समय जांच और अन्य मदों के नाम पर करीब 70 हजार रुपये जमा करा लिए गए।
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आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने भर्ती होते ही नवजात को वेंटिलेटर पर डाल दिया। सोमवार सुबह अस्पताल 90 हजार का बिल थमाकर नवजात को ले जाने के लिए बोला। पिता का आरोप है कि मासूम का शव नीला पड़ गया था। उन्होंने पूरा पैसा न दे पाने की बात कही तो अस्पताल प्रबंधन ने शव देने से इन्कार कर दिया। पीड़ित ने अपने परिचित पुलिस कर्मी से अस्पताल के लोगों की बात करवाई तो ले-देकर शव उन्हें सौंप दिया गया। एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर मामले की जांच करवाई जाएगी।
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