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Kanpur News: मंडल में जिले के सबसे अधिक 661 परिषदीय स्कूल बने निपुण
Wed, 18 Mar 2026 01:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 18 Mar 2026 01:37 AM IST
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कानपुर देहात। परिषदीय स्कूलों में डायट प्रशिक्षुओं से कराए गए निपुण आकलन का परिणाम मंगलवार शाम जारी किया गया। इसमें जिले के सर्वाधिक 661 स्कूलों को निपुण घोषित करते हुए मंडल में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं, 497 स्कूलों को निपुण घोषित होने पर इटावा दूसरे स्थान पर रहा।
खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि शिक्षकों की मेहनत का परिणाम है कि जिले को मंडल में पहला स्थान मिला है। इसमें कानपुर नगर के 226, कन्नौज के 306, फर्रुखाबाद के 475 व औरैया के 229 विद्यालयों को निपुण घोषित किया गया है। एसआरजी अनंत त्रिवेदी ने बताया कि भारत सरकार ने परिषदीय स्कूलों में बालवाटिका, कक्षा एक व दो के छात्रों की भाषा और गणित विषय के लिए न्यूनतम दक्षताएं निर्धारित की गई हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को अपनी निर्धारित कक्षा के अनुरूप ज्ञान की प्राप्ति हो सके।
एसआरजी संत कुमार दीक्षित ने बताया कि निपुण लक्ष्य ऐप के माध्यम से छात्रों को निर्धारित समय सीमा में प्रवाह के साथ शब्दों और दी गई कहानी को पढ़ना होता है। साथ ही गणित में दिए गए चार प्रश्नों में तीन को हल करना होता है। अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि छात्रों का लेखन जांचने के लिए परियोजना ने एआई का प्रयोग किया था। जिला समन्वयक प्रशिक्षण सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 27 जनवरी से 12 फरवरी के बीच एक दिन में दो स्कूलों का मूल्यांकन किया गया।
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वहीं, डीसी निपुण ने बताया कि विकास खंडवार रसूलाबाद के सर्वाधिक 49 फीसदी स्कूल निपुण घोषित हुए हैं। इसके अलावा राजपुर के 48 फीसदी, अकबरपुर के 47 फीसदी, संदलपुर के 45 फीसदी, झींझक के 44 फीसदी, डेरापुर के 44 फीसदी, मलासा के 42 फीसदी, अमरौधा के 42 फीसदी, सरवनखेड़ा के 41 व मैथा के 38 फीसदी स्कूलों को निपुण घोषित किया गया है। डायट प्राचार्य राजेश वर्मा ने सभी प्रधानाध्यापकों, एआरपी, एसआरजी को बधाई देते हुए कहा कि यह सभी के सतत प्रयासों का परिणाम है।
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वर्जन..............
मंडल में जिले के सर्वाधिक 661 स्कूलों को निपुण घोषित किया गया है। लगातार दूसरे वर्ष जिले को मंडल में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जो प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों के अलावा छात्रों व उनके अभिभावकों की मेहनत का परिणाम है। इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं। - अजय कुमार मिश्र, बीएसए
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खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि शिक्षकों की मेहनत का परिणाम है कि जिले को मंडल में पहला स्थान मिला है। इसमें कानपुर नगर के 226, कन्नौज के 306, फर्रुखाबाद के 475 व औरैया के 229 विद्यालयों को निपुण घोषित किया गया है। एसआरजी अनंत त्रिवेदी ने बताया कि भारत सरकार ने परिषदीय स्कूलों में बालवाटिका, कक्षा एक व दो के छात्रों की भाषा और गणित विषय के लिए न्यूनतम दक्षताएं निर्धारित की गई हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को अपनी निर्धारित कक्षा के अनुरूप ज्ञान की प्राप्ति हो सके।
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एसआरजी संत कुमार दीक्षित ने बताया कि निपुण लक्ष्य ऐप के माध्यम से छात्रों को निर्धारित समय सीमा में प्रवाह के साथ शब्दों और दी गई कहानी को पढ़ना होता है। साथ ही गणित में दिए गए चार प्रश्नों में तीन को हल करना होता है। अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि छात्रों का लेखन जांचने के लिए परियोजना ने एआई का प्रयोग किया था। जिला समन्वयक प्रशिक्षण सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 27 जनवरी से 12 फरवरी के बीच एक दिन में दो स्कूलों का मूल्यांकन किया गया।
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वहीं, डीसी निपुण ने बताया कि विकास खंडवार रसूलाबाद के सर्वाधिक 49 फीसदी स्कूल निपुण घोषित हुए हैं। इसके अलावा राजपुर के 48 फीसदी, अकबरपुर के 47 फीसदी, संदलपुर के 45 फीसदी, झींझक के 44 फीसदी, डेरापुर के 44 फीसदी, मलासा के 42 फीसदी, अमरौधा के 42 फीसदी, सरवनखेड़ा के 41 व मैथा के 38 फीसदी स्कूलों को निपुण घोषित किया गया है। डायट प्राचार्य राजेश वर्मा ने सभी प्रधानाध्यापकों, एआरपी, एसआरजी को बधाई देते हुए कहा कि यह सभी के सतत प्रयासों का परिणाम है।
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मंडल में जिले के सर्वाधिक 661 स्कूलों को निपुण घोषित किया गया है। लगातार दूसरे वर्ष जिले को मंडल में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जो प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों के अलावा छात्रों व उनके अभिभावकों की मेहनत का परिणाम है। इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं। - अजय कुमार मिश्र, बीएसए