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Kanpur News: हाईवे किनारे के अस्पतालों की सूची तैयार करने में जुटा स्वास्थ्य विभाग

Fri, 02 Jan 2026 02:11 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 02 Jan 2026 02:11 AM IST
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The health department is busy preparing a list of hospitals along the highway.
कानपुर। हाईवे और आसपास स्थित अस्पतालों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। इनमें सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को प्राथमिकता के साथ कैशलेस इलाज मिलेगा, जिसका भुगतान अस्पतालों के बैंक खाते में होगा। विभाग को शहर और आसपास 264 ब्लैक स्पॉट्स की जानकारी मिली है। इनकी सटीक लोकेशन चिह्नित करने में विभाग को समय लग रहा है। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि ब्लैक स्पॉट्स की केवल जीपीएस फोटो मिली है, जिससे उन्हें ट्रैक करने में कठिनाई हो रही है। स्पष्ट लोकेशन मिलती तो अस्पतालों को सूचीबद्ध करने का काम तेजी से हो सकता था। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि एक महीने के भीतर प्रक्रिया पूरी कर सूची शासन को भेज दी जाए, इसके बाद चयनित अस्पतालों की ट्रेनिंग होगी।
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सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने कैशलेस उपचार योजना लागू की है। इसके तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को नजदीकी किसी भी ट्रॉमा सेंटर या सक्षम अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा और कोई भी अस्पताल इलाज से इनकार नहीं कर सकेगा। सीएमओ ने बताया कि भर्ती कराने वाले व्यक्ति चाहे वह राहगीर हो, परिचित हो या परिजन से इलाज के नाम पर शुल्क नहीं लिया जा सकता है। शासन की ओर से अस्पताल को अधिकतम एक सप्ताह तक इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का भुगतान किया जाएगा। योजना के लिए सेव लाइफ फाउंडेशन की ओर से उपलब्ध कराए गए डाटा के आधार पर अस्पतालों को चिन्हित किया जा रहा है।
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सभी अस्पतालों चाहे वे आयुष्मान भारत योजना में शामिल हों या नहीं को निर्देश दिए जा रहे हैं कि यदि उनके यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ या ट्रॉमा सुविधा उपलब्ध है तो उन्हें दुर्घटना में घायलों का कैशलेस इलाज करना होगा। चयनित अस्पतालों का क्यूआर कोड बनाकर एक खाते से लिंक किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटना के मामलों में यदि समय रहते इलाज मिल जाए और रक्तस्राव को नियंत्रित कर लिया जाए, तो मरीज की जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। मामले में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति से इलाज के नाम पर एक रुपये की भी मांग नहीं की जाएगी। यदि कोई अस्पताल या निजी नर्सिंग होम इनकार करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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