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Kanpur News: सीएम डैशबोर्ड में फिर फिसली जिले की रैंकिंग, 40वें से 64वें स्थान पर पहुंचा
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कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की सख्ती, लगातार समीक्षा बैठकों और अफसरों पर कसते शिकंजे के बावजूद सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में जिले की स्थिति सुधरने के बजाय पिछड़ गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी नवंबर की रिपोर्ट में जिला महज 8.28 अंक हासिल कर 64वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि अक्टूबर में जिला 40वें स्थान पर था। सितंबर में भी जिले की रैंकिंग 64वीं थी।
बीते माह के आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि जमीनी स्तर पर कई विभागों के अफसर अब भी लापरवाह बने हुए हैं। रैंकिंग में आई गिरावट अफसरों की कार्यशैली और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज कार्यों में दिव्यांग पेंशन, मातृत्व-शिशु एवं बालिका योजना, ओडीओपी वित्त पोषण, बिजली, शिक्षा, सड़क निर्माण, सामूहिक विवाह, आवास और जल जीवन मिशन जैसी अहम योजनाएं शामिल हैं। नवंबर में इन विकास कार्यों के मूल्यांकन में कानपुर को 59वीं रैंक मिली, जबकि अक्टूबर में जिला 18वें स्थान पर था। सितंबर में 26वीं और अगस्त में 25वीं रैंक होने के बावजूद नवंबर में आई यह गिरावट विभागीय लापरवाही को उजागर करती है। जिले की स्थिति राजस्व कार्यों में भी कमजोर नजर आई। स्मार्ट सिटी मिशन, हाउस टैक्स वसूली, सरकारी राजस्व और कुल राजस्व प्राप्ति समेत 68 परियोजनाओं के मूल्यांकन में कानपुर की रैंकिंग 63वें स्थान पर रही, जबकि अक्टूबर में 62वीं थी। सितंबर में जिला 71वें और अगस्त में 68वें स्थान पर था।
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बीते माह के आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि जमीनी स्तर पर कई विभागों के अफसर अब भी लापरवाह बने हुए हैं। रैंकिंग में आई गिरावट अफसरों की कार्यशैली और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज कार्यों में दिव्यांग पेंशन, मातृत्व-शिशु एवं बालिका योजना, ओडीओपी वित्त पोषण, बिजली, शिक्षा, सड़क निर्माण, सामूहिक विवाह, आवास और जल जीवन मिशन जैसी अहम योजनाएं शामिल हैं। नवंबर में इन विकास कार्यों के मूल्यांकन में कानपुर को 59वीं रैंक मिली, जबकि अक्टूबर में जिला 18वें स्थान पर था। सितंबर में 26वीं और अगस्त में 25वीं रैंक होने के बावजूद नवंबर में आई यह गिरावट विभागीय लापरवाही को उजागर करती है। जिले की स्थिति राजस्व कार्यों में भी कमजोर नजर आई। स्मार्ट सिटी मिशन, हाउस टैक्स वसूली, सरकारी राजस्व और कुल राजस्व प्राप्ति समेत 68 परियोजनाओं के मूल्यांकन में कानपुर की रैंकिंग 63वें स्थान पर रही, जबकि अक्टूबर में 62वीं थी। सितंबर में जिला 71वें और अगस्त में 68वें स्थान पर था।
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