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Kanpur News: शिव पार्वती संवाद, मनु शतरूपा, रावण जन्म की लीला ने मोहा मन
Fri, 09 Oct 2026 01:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 09 Oct 2026 01:09 AM IST
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पुखरायां। नगर बाजार रामलीला में बुधवार रात कलाकारों ने शिव पार्वती संवाद, मनु शतरूपा, रावण जन्म, मेघनाद दिग्विजय लीला के मंचन ने दर्शकों को मनमोह लिया। दर्शक जयकारा लगाते रहे। कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने पूजन किया।
लीला मंचन में कलाकारों ने दर्शाया कि पार्वती भगवान शिव को निरंतर ''राम-राम'' का जप करते देखती थीं। उन्होंने शिवजी से पूछा कि जिन्हें वेद, पुराण और संत ''परब्रह्म'' कहते हैं, जो अजन्मा, निराकार और सर्वव्यापक हैं, क्या वह ही अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र श्री राम हैं। यदि ब्रह्म ने मानव रूप में जन्म लिया है, तो वे परब्रह्म कैसे हुए। शिवजी ने राम नाम की महिमा बताते हुए माता पार्वती से कहा भगवान राम के एक नाम का जप करने से उतना ही पुण्य मिलता है, जितना विष्णु सहस्रनाम के पाठ से प्राप्त होता है।
शिव-पार्वती संवाद के बाद रावण जन्म और मेघनाद दिग्विजय लीला का भी कलाकारों ने मंचन किया। दर्शक लीला का मंचन देख जयकारा लगाते रहे। नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि करुणा शंकर दिवाकर, ब्लॉक प्रमुख स्वतंत्र पासवान, कमेटी अध्यक्ष अनिल वंशल, पुरुषोत्तम दास अग्रवाल, संजय गुलाटी, संतोष गोयल, शुभम बंसल सहित अन्य दर्शक रहे। वहीं, सुखाई तालाब बजरंग रामलीला में कलाकारों ने नारद मोह लीला का मंचन किया। अध्यक्ष विमल सचान लालू, प्रबंधक मनोज शुक्ला, रामकिशोर गुप्ता, हर्ष गुप्ता, संजय सचान, सुनील कुमार सचान, उमेश मिश्रा, नरेश सचान सहित दर्शक रहे।
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वहीं, अमरौधा स्थित पंडित कालूराम शास्त्री स्मारक परिसर में कलाकारों ने नारद मोह लीला का मंचन किया। रामलीला कमेटी अध्यक्ष विकास मिश्रा, रोहित द्विवेदी, शुभम टंडन, दीपक सविता, कपिल टंडन, ओम नारायण गुप्ता। पंडित कालूराम शास्त्री स्मारक अध्यक्ष हुब्बलाल यादव, पुत्तन मिश्रा, कैलाश मिश्रा, कमल मेहरोत्रा अनूप ओम गुप्ता, ललित गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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लीला मंचन में कलाकारों ने दर्शाया कि पार्वती भगवान शिव को निरंतर ''राम-राम'' का जप करते देखती थीं। उन्होंने शिवजी से पूछा कि जिन्हें वेद, पुराण और संत ''परब्रह्म'' कहते हैं, जो अजन्मा, निराकार और सर्वव्यापक हैं, क्या वह ही अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र श्री राम हैं। यदि ब्रह्म ने मानव रूप में जन्म लिया है, तो वे परब्रह्म कैसे हुए। शिवजी ने राम नाम की महिमा बताते हुए माता पार्वती से कहा भगवान राम के एक नाम का जप करने से उतना ही पुण्य मिलता है, जितना विष्णु सहस्रनाम के पाठ से प्राप्त होता है।
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शिव-पार्वती संवाद के बाद रावण जन्म और मेघनाद दिग्विजय लीला का भी कलाकारों ने मंचन किया। दर्शक लीला का मंचन देख जयकारा लगाते रहे। नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि करुणा शंकर दिवाकर, ब्लॉक प्रमुख स्वतंत्र पासवान, कमेटी अध्यक्ष अनिल वंशल, पुरुषोत्तम दास अग्रवाल, संजय गुलाटी, संतोष गोयल, शुभम बंसल सहित अन्य दर्शक रहे। वहीं, सुखाई तालाब बजरंग रामलीला में कलाकारों ने नारद मोह लीला का मंचन किया। अध्यक्ष विमल सचान लालू, प्रबंधक मनोज शुक्ला, रामकिशोर गुप्ता, हर्ष गुप्ता, संजय सचान, सुनील कुमार सचान, उमेश मिश्रा, नरेश सचान सहित दर्शक रहे।
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वहीं, अमरौधा स्थित पंडित कालूराम शास्त्री स्मारक परिसर में कलाकारों ने नारद मोह लीला का मंचन किया। रामलीला कमेटी अध्यक्ष विकास मिश्रा, रोहित द्विवेदी, शुभम टंडन, दीपक सविता, कपिल टंडन, ओम नारायण गुप्ता। पंडित कालूराम शास्त्री स्मारक अध्यक्ष हुब्बलाल यादव, पुत्तन मिश्रा, कैलाश मिश्रा, कमल मेहरोत्रा अनूप ओम गुप्ता, ललित गुप्ता आदि मौजूद रहे।