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Kanpur News: कर्जदार और बंटाईदारों ने अधेड़ को उतारा था मौत के घाट
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पकड़े गए हत्यारोपी।
- फोटो : पुलिस
घाटमपुर। सजेती के कुआंखेड़ा गांव में शनिवार रात हुई धर्मेंद्र सचान (50) की हत्या का खुलासा हो गया है। उनकी हत्या लेनदेन के विवाद में एक कर्जदार और दो बंटाईदारों ने की थी। तीनों घटना की रात उसके पास हिसाब करने के लिए गए थे। विवाद होने पर वहीं पड़े सूजे से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने तीनों को शुक्रवार को जेल भेज दिया।
एडीसीपी महेश कुमार ने बताया कि धर्मेंद्र के यहां काम करने वाले गांव के पप्पू उर्फ उदय नारायण ने उनसे दो लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। आरोप है कि धर्मेंद्र इन रुपयों का अधिक ब्याज ले रहे थे। काम कराकर मजदूरी भी नहीं देते थे। वहीं बंटाईदार कमलेश और सुरेश ने धर्मेंद्र से दो हजार के भाव में भूसा लिया था, लेकिन बाद में वह चार हजार के हिसाब से रुपये मांग रहे थे। घटना वाले दिन तीनों उनके घर ट्रैक्टर से गेहूं रखने गए थे। मजदूरी देने से पहले धर्मेंद्र वहां से ट्यूबवेल चले गए थे। तीनों नशे में ट्यूबवेल पहुंचे और लेनदेन का हिसाब करने लगे। विवाद होने पर वहीं पड़े सूजे से सीने और सिर में ताबड़तोड़ 27 वार कर धर्मेंद्र की हत्या कर दी। पुलिस को इस मामले की तय तक जाने में सर्विलांस की सहायता लेनी पड़ी। जांच में तीनों के नाम सामने आए। उनको गिरफ्तार कर लिया गया।
नशे में होने के कारण नहीं छिपा सके लाश
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि धर्मेंद्र के घर बोरियों को उतारने के बाद जब मजदूरी नहीं मिली, तो उन लोगों ने आपस में रुपये मिलाकर शराब पी। इसके बाद हिसाब करने के लिए ट्यूबवेल पहुंचे। वहां हिसाब के दौरान कहासुनी होने पर उनकी हत्या कर दी। उन लोगों का इरादा शव को दूर फेंकने का था, लेकिन नशे में होने से तीनों शव को करीब 20 मीटर दूर मूंग के खेत तक ही ले जा सके और वहीं फेंक दिया। अपने कपड़ों में लगी मिट्टी को हटाने के लिए ट्यूबवेल के हौज में कपड़े धोए और नहाया। सुबह जब डॉग स्क्वायड आया तो उससे बचने के लिए तीनों गांव से बाहर चले गए और बाद में लौट आए।
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एडीसीपी महेश कुमार ने बताया कि धर्मेंद्र के यहां काम करने वाले गांव के पप्पू उर्फ उदय नारायण ने उनसे दो लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। आरोप है कि धर्मेंद्र इन रुपयों का अधिक ब्याज ले रहे थे। काम कराकर मजदूरी भी नहीं देते थे। वहीं बंटाईदार कमलेश और सुरेश ने धर्मेंद्र से दो हजार के भाव में भूसा लिया था, लेकिन बाद में वह चार हजार के हिसाब से रुपये मांग रहे थे। घटना वाले दिन तीनों उनके घर ट्रैक्टर से गेहूं रखने गए थे। मजदूरी देने से पहले धर्मेंद्र वहां से ट्यूबवेल चले गए थे। तीनों नशे में ट्यूबवेल पहुंचे और लेनदेन का हिसाब करने लगे। विवाद होने पर वहीं पड़े सूजे से सीने और सिर में ताबड़तोड़ 27 वार कर धर्मेंद्र की हत्या कर दी। पुलिस को इस मामले की तय तक जाने में सर्विलांस की सहायता लेनी पड़ी। जांच में तीनों के नाम सामने आए। उनको गिरफ्तार कर लिया गया।
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नशे में होने के कारण नहीं छिपा सके लाश
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि धर्मेंद्र के घर बोरियों को उतारने के बाद जब मजदूरी नहीं मिली, तो उन लोगों ने आपस में रुपये मिलाकर शराब पी। इसके बाद हिसाब करने के लिए ट्यूबवेल पहुंचे। वहां हिसाब के दौरान कहासुनी होने पर उनकी हत्या कर दी। उन लोगों का इरादा शव को दूर फेंकने का था, लेकिन नशे में होने से तीनों शव को करीब 20 मीटर दूर मूंग के खेत तक ही ले जा सके और वहीं फेंक दिया। अपने कपड़ों में लगी मिट्टी को हटाने के लिए ट्यूबवेल के हौज में कपड़े धोए और नहाया। सुबह जब डॉग स्क्वायड आया तो उससे बचने के लिए तीनों गांव से बाहर चले गए और बाद में लौट आए।
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