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Kanpur News: विवादित जमीन का एग्रीमेंट करने वाली अधिवक्ता की बहू से भी होगी पूछताछ
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कानपुर। अधिवक्ता राजाराम हत्याकांड और जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ी जांच अब तेज हो गई है। पुलिस ने अब तक मृतक की जमीन का एग्रीमेंट कराने वाले अधिवक्ताओं से पूछताछ की है। इनमें बार के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी और अन्य अधिवक्ता शामिल हैं। वहीं, अब पुलिस टीम जमीन का एग्रीमेंट करने वाली राजाराम की बहू रेखा से भी पूछताछ करेगी।
पुलिस ने शनिवार को बार एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारी राकेश तिवारी और एनआरआई सिटी के दो निदेशक एसके पालीवाल और राकेश गुप्ता से पूछताछ की थी। रविवार को दो और अधिवक्ता क्यू ब्लॉक शारदानगर निवासी मनोज सक्सेना और नवाबगंज के सुक्खीपुरवा नई बस्ती निवासी जितेंद्र कुमार सिंह से भी पूछताछ की थी। मनोज और जितेंद्र ने राजाराम की छोटी बहू से 26 दिसंबर 2018 को तीन आराजी की कुल 2.12 हेक्टेयर जमीन का एग्रीमेंट कराया था। इस एग्रीमेंट में आराजी संख्या 2561 (ख), 2559 (क) और 2171 (क) शामिल थीं।
राजाराम हत्याकांड से पहले हुए इस एग्रीमेंट ने परिवार में तनाव बढ़ा दिया था। बाद में बैंक कर्मी रेखा ने परिजन पर कई आरोप लगाकर रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। हालांकि, बाद में बैंक कर्मी रेखा का तबादला पहले औरैया, पटना और बाद में मुंबई हो गया था। वहीं, हत्याकांड के बाद उनकी एक तिहाई जमीन का एग्रीमेंट राकेश तिवारी ने एक जून 2023 में कराया था। मृतक के बेटे नरेंद्र का आरोप है कि इस एग्रीमेंट को छह नवंबर 2025 को निरस्त कराकर उसी दिन दोबारा बढ़ी हुई धनराशि में करा लिया गया। मामले के विवेचक पवन सिंह ने बताया कि जांच के लिए अधिवक्ता की बहू से भी पूछताछ की जाएगी। इसके लिए उन्हें नोटिस भेजकर बुलाया जाएगा।
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पुलिस ने शनिवार को बार एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारी राकेश तिवारी और एनआरआई सिटी के दो निदेशक एसके पालीवाल और राकेश गुप्ता से पूछताछ की थी। रविवार को दो और अधिवक्ता क्यू ब्लॉक शारदानगर निवासी मनोज सक्सेना और नवाबगंज के सुक्खीपुरवा नई बस्ती निवासी जितेंद्र कुमार सिंह से भी पूछताछ की थी। मनोज और जितेंद्र ने राजाराम की छोटी बहू से 26 दिसंबर 2018 को तीन आराजी की कुल 2.12 हेक्टेयर जमीन का एग्रीमेंट कराया था। इस एग्रीमेंट में आराजी संख्या 2561 (ख), 2559 (क) और 2171 (क) शामिल थीं।
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राजाराम हत्याकांड से पहले हुए इस एग्रीमेंट ने परिवार में तनाव बढ़ा दिया था। बाद में बैंक कर्मी रेखा ने परिजन पर कई आरोप लगाकर रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। हालांकि, बाद में बैंक कर्मी रेखा का तबादला पहले औरैया, पटना और बाद में मुंबई हो गया था। वहीं, हत्याकांड के बाद उनकी एक तिहाई जमीन का एग्रीमेंट राकेश तिवारी ने एक जून 2023 में कराया था। मृतक के बेटे नरेंद्र का आरोप है कि इस एग्रीमेंट को छह नवंबर 2025 को निरस्त कराकर उसी दिन दोबारा बढ़ी हुई धनराशि में करा लिया गया। मामले के विवेचक पवन सिंह ने बताया कि जांच के लिए अधिवक्ता की बहू से भी पूछताछ की जाएगी। इसके लिए उन्हें नोटिस भेजकर बुलाया जाएगा।
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