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Kanpur News: योग में शानदार प्रदर्शन पर शहर की बेटी सौम्या को राष्ट्रपति के हाथों मिला खेल रत्न अवार्ड

Thu, 13 Mar 2025 01:23 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Mar 2025 01:23 AM IST
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The city's daughter Saumya received the Khel Ratna Award from the President for her outstanding performance in yoga
सौम्या ओझा - फोटो : सौम्या ओझा
कानपुर। योग में कई पदक जीतने वाली शहर निवासी सौम्या ओझा को गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार की ओर से खेल रत्न सम्मान दिया गया। मंगलवार को हुए समारोह में उन्हें यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिया।
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सौम्या इसी विवि से बैचलर इन योग साइंस का कोर्स कर रही हैं। वह जून में होने वाली एरोबिक्स एशियन चैंपियनशिप में भी हिस्सा लेंगी। नासिक में सितंबर 2024 में हुई यूरो चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर वह सीधे इस चैंपियनशिप प्रवेश कर चुकी हैं।
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मूल रूप से नौबस्ता कानपुर निवासी सौम्या दस वर्ष की आयु से पिता के साथ काॅलोनी में बने राष्ट्रीय सेवक संघ के योग केंद्र में जाने लगी थीं। वहां लोगों को योग करते देख उनकी भी रुचि जागी, तो उन्होंने इसे सीखना प्रारंभ कर दिया। कुछ समय बाद नेशनल योग कोच वीर सिंह से मिली। इसके बाद कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया। स्टेट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। कई राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पदक प्राप्त किए। सौम्या सुबह पांच से आठ और रात आठ से 11 बजे तक प्रतिदिन योग का अभ्यास करती हैं।
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पैर में हुआ फ्रैक्चर फिर भी नहीं मानी हार, छह माह में फिर शुरू किया योग
सौम्या बताती हैं कि 2020 में योग का अभ्यास करते समय दाएं पैर में फ्रैक्चर हुआ था। घुटने के लिगामेंट टूटे गए थे। कानपुर में इलाज करवाया। वहां डाॅक्टर ने कहा कि योग छोड़ दो और एक डेढ़ साल तक बेड पर आराम करो। इस दौरान मोबाइल पर लोगों को पदक जीतते देखती तो लगता था कि चोट नहीं लगती तो मैं भी अभ्यास करती और पदक जीत लेती। यही बात बार-बार मन में आती। घुटने के इलाज के बाद डॉक्टर ने रोज एक घंटा फिजियोथैरेपी के लिए कहा था। वहीं, वह जल्द ठीक होने के लिए दो से तीन घंटे तक फिजियोथैरेपी कराने लगीं। छह महीने में ही रिकवर कर वह दोबारा योग करने लगीं।



कई राज्यों में अब तक कराया योग का अभ्यास
सौम्या ने बताया कि राज्य व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के बाद उसे योग कैंपों में अभ्यास के लिए बुलाया जाने लगा। उसने कर्नाटक, नासिक, हिसार, बिहार, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में लगभग 2500 लोगों को योग के गुर सिखाएं हैं।

अब तक जीते पदक
1- 2018 में कर्नाटक में हुई राष्ट्रीय योग प्रतियोगिता में रजत पदक जीता।
2- 2019 में उत्तर प्रदेश में हुई राष्ट्रीय योग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
3- 2020 और 2021 में हुई ऑनलाइन योग प्रतियोगिता में रजत पदक जीता।
4- 2022 में महाराष्ट्र में हुई राष्ट्रीय योग प्रतियोगिता में रजत पदक जीता।
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